
DARBHANGA: मैथिलीसेवी अमल कुमार झा हुए सम्मानित, साहित्य-साधना को बताया नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
दरभंगा- 13 सितंबर। साहित्य, शिक्षा, समाज एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मैथिलीसेवी अमल कुमार झा के सम्मान में रविवार को बाबूजीक लाइब्रेरी सभागार, राजकुमारगंज में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम शिम्मर फाउंडेशन और बाबूजीक लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। समारोह की अध्यक्षता ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के मैथिली विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रमण झा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुषमा झा द्वारा मंगलगीत ‘जय जय भैरव’ के गायन से हुआ, इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया।
बाबूजीक लाइब्रेरी के राजेश कुमार सिंह ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में अमल कुमार झा को अभिनंदन-पत्र समर्पित कर उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। अतिथियों को मिथिला पेंटिंग, पाग और दुपट्टा से सम्मानित किया गया। समारोह में मिथिला की कला-परंपरा की झलक दिखी।
मंच संचालन आशुतोष कुमार ने किया। समारोह में सुशांत भास्कर, डॉ. अवनींद्र कुमार झा, सुमिता झा, मंजर सुलेमान, जमील हसरत, विजय शंकर झा, श्यामानंद कुमार, विजय मिश्रा, तरुण मिश्रा, शंभू नारायण चौधरी, योगानंद झा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। शिम्मर फाउंडेशन के संस्थापक एवं फिल्म निर्देशक सुमित सुमन ने कहा कि किसी व्यक्ति के योगदान का सार्वजनिक सम्मान केवल उत्साहवर्धन नहीं करता, बल्कि समाज में साहित्य-संस्कृति के प्रति जिज्ञासा और प्रेरणा भी पैदा करता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं। स्वर्ण किरण झा ‘प्रेरणा’ ने सभी अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



