
ब्रिक्स देशों का साझा घोषणापत्र: सुरक्षा परिषद में भारत-ब्राजील की स्थायी सदस्यता का समर्थन
नई दिल्ली- 12 सितंबर। भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शनिवार को 140 बिंदुओं वाला नई दिल्ली घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें सबसे बड़ी बात यह रही कि वीटो पावर वाले चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता का खुला समर्थन किया।
पहलगाम हमले की निंदा, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस:
ब्रिक्स देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, सीमा पार आतंकवाद और आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र के व्यापक सम्मेलन को जल्द अपनाने की अपील की गई। ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि वैश्विक संस्थाओं में सुधार सिर्फ प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निर्णय प्रक्रिया भी आज की हकीकत के अनुसार होनी चाहिए। अगले वर्ष 2027 में चीन ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
मुख्य बातें:—
— UN में सुधार: सुरक्षा परिषद में अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने और महासचिव पद पर महिला व क्षेत्रीय संतुलन की मांग।
— एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध: अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जा रहे गैर-कानूनी व्यापारिक प्रतिबंधों और सेकेंडरी सैंक्शन को समाप्त करने की मांग, क्योंकि इससे गरीब और कमजोर वर्ग प्रभावित होता है।
— गाजा और पश्चिम एशिया: गाजा में युद्धविराम, मानवीय सहायता की निर्बाध पहुंच, फलस्तीनियों के जबरन विस्थापन का विरोध और दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन।
— व्यापार और अर्थव्यवस्था: स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा, ब्रिक्स पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने और ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज स्थापित करने पर सहमति।
— टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य: AI के न्यायसंगत उपयोग और ‘स्वस्थ जीवनशैली के लिए ब्रिक्स मिशन (2026-2029)’ की शुरुआत।



