
बिहार विधानसभा से अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक पारित
पटना- 22 जुलाई। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा ने “बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक” को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर हुई विस्तृत चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बदलते समय और अपराध के नए स्वरूप को देखते हुए कानून में संशोधन आवश्यक हो गया था। विपक्ष के सदस्यों द्वारा उठाई गई कई महत्वपूर्ण आपत्तियों और सुझावों को भी संशोधन में शामिल किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह संशोधन वर्ष 2024 में लागू बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम में किया गया है। उन्होंने बताया कि सदन में एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल ईमान, भाजपा विधायक राहुल शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने जिन बिंदुओं पर सुझाव दिए थे, उन्हें गंभीरता से लेते हुए विधेयक में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य कानून को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बनाना है।
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले अधिकांश अपराध पारंपरिक तरीकों से किए जाते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया, इंटरनेट और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने, लोगों को भड़काने, साइबर अपराध करने तथा संगठित आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि पुराने कानून में ऐसे अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी प्रावधान नहीं थे। इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से संशोधन किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया के उपयोग के खिलाफ नहीं है। सोशल मीडिया समाज, शिक्षा और संचार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल समाज में अशांति फैलाने या अपराध करने के लिए किया जाता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि संशोधित कानून का उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आधुनिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
विधेयक को लेकर विपक्ष द्वारा कानून के संभावित दुरुपयोग की आशंका जताए जाने पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी स्थिति में कानून का मनमाना इस्तेमाल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार विधि के शासन में विश्वास करती है और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करने का कोई इरादा नहीं है।
क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है कि किसी भी व्यक्ति पर मनमाने ढंग से सीसीए लगा दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून केवल उन्हीं व्यक्तियों पर लागू होगा, जिनके खिलाफ कम से कम दो मामलों में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल हो चुकी हो अथवा किसी एक मामले में वे दोषसिद्ध (कन्विक्ट) हो चुके हों। ऐसे मामलों में ही अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित करना नहीं, बल्कि संगठित अपराध, साइबर अपराध, डिजिटल माध्यमों से होने वाली आपराधिक गतिविधियों तथा समाज विरोधी तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक को विधानसभा से पारित कराया गया है।



