
BIHAR:- उर्दू की पहचान से खिलवाड़ स्वीकार नहीं, अल्पसंख्यक आयोग के हस्तक्षेप का स्वागत
पटना- 21 सितंबर। दरभंगा के उर्दू माध्यमिक विद्यालय, दिघियार (केवटी) में उर्दू की आधिकारिक पहचान एवं विद्यालयी व्यवस्था में कथित बदलाव के मामले में 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जिला स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग को हस्तक्षेप करना पड़ा।
इस मामले में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मौलाना गुलाम रसूल बलियावी साहब ने त्वरित संज्ञान लेते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच, दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई तथा विद्यालय की मूल व्यवस्था बहाल करने के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया है।
उर्दू बिहार की द्वितीय राजभाषा है। इसलिए उर्दू माध्यम विद्यालय की पहचान, उर्दू भाषा की गरिमा और विद्यार्थियों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ की ओर से हम बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मौलाना गुलाम रसूल बलियावी साहब का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए पहल की।
अब उम्मीद है कि दरभंगा के जिलाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएंगे तथा यदि विद्यालय की व्यवस्था या उर्दू की आधिकारिक पहचान के साथ किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
उर्दू के साथ इंसाफ केवल एक भाषा के साथ इंसाफ नहीं, बल्कि बिहार की द्वितीय राजभाषा के संवैधानिक एवं प्रशासनिक सम्मान की रक्षा का विषय है।



