
JHARKHAND:- लंबित परिणाम को लेकर उर्दू अभ्यर्थियों ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन से लगाई न्याय की गुहार
राँची- 22 जुलाई। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (उर्दू विषय) के दस्तावेज सत्यापन (DV) पूरा कर चुके लेकिन अंतिम परिणाम से वंचित अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा तथा लंबित परिणाम शीघ्र जारी कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम विभिन्न कारणों से रोक दिया गया है। सबसे अधिक चिंता EWS प्रमाण-पत्र से जुड़े विवाद को लेकर जताई गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती विज्ञापन एवं अधिसूचना में कहीं भी यह स्पष्ट उल्लेख नहीं था कि केवल वित्तीय वर्ष 2025 का EWS प्रमाण-पत्र ही मान्य होगा। इसके बावजूद दस्तावेज सत्यापन के बाद EWS अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। सभी प्रभावित अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष एवं आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए, फिर भी उनका परिणाम अब तक लंबित है। उनका कहना है कि यदि यह शर्त पहले से विज्ञापन में स्पष्ट होती तो सभी अभ्यर्थी उसी के अनुरूप प्रमाण-पत्र बनवा लेते।
इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने फाजिल डिग्री की समकक्षता, आलिम के साथ स्नातकोत्तर (एम.ए.) की मान्यता, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के शैक्षणिक सत्र एवं Passing Date से जुड़े विवाद, पिछड़ा वर्ग (Non-Creamy Layer) प्रमाण-पत्र तथा बिना स्पष्ट कारण बताए कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम लंबित रखने जैसे मुद्दों को भी मंत्री के समक्ष रखा। अभ्यर्थियों का कहना था कि कई मामलों में स्पष्टीकरण और दस्तावेज समय पर जमा करने के बावजूद अंतिम परिणाम जारी नहीं किया गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिन अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका है, उनके मामलों की निष्पक्ष एवं नियमसम्मत समीक्षा कर पात्र अभ्यर्थियों का लंबित परिणाम शीघ्र जारी किया जाए, ताकि किसी भी योग्य अभ्यर्थी का भविष्य प्रक्रियागत अस्पष्टता के कारण प्रभावित न हो।
मंत्री हफीजुल हसन ने अभ्यर्थियों की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभाग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग में भी ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
इस अवसर पर वहीदा बशीर, मोहम्मद इज़हार आलम, मोहम्मद मंज़ूर सलफी, शबाना शोएब, सना फ़ातिमा सहित अन्य अभ्यर्थी उपस्थित रहे।



