
MADHUBANI:- कोइलख भद्रकाली मंदिर में चोरी का उद्भेदन नहीं, पूर्व मंत्री समीर महासेठ बोले- बिहार में बने Idol Wing CID और धरोहर प्रकोष्ठ
मधुबनी- 21 सितंबर। जिले के प्रसिद्ध कोइलख भद्रकाली मंदिर में हुई चोरी की घटना का अब तक उद्भेदन नहीं होने पर पूर्व उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने गहरी चिंता जताई है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की तर्ज पर बिहार में भी ‘मूर्ति चोरी निवारण शाखा, अपराध जांच विभाग’ (Idol Wing CID) का गठन होना चाहिए। तमिलनाडु की यह स्पेशल यूनिट विदेशों से हजारों प्राचीन मूर्तियां वापस ला चुकी है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर बसा मधुबनी सहित पूरा बिहार संगठित मूर्ति चोर गिरोहों के निशाने पर है। प्राचीन मंदिरों से अष्टधातु की मूर्तियां, देवी-देवताओं के बेशकीमती आभूषणों की चोरी बेलगाम हो गई है, जबकि बरामदगी शून्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इसे सामान्य चोरी मानकर FIR दर्ज कर खानापूर्ति कर देती है। जांच में गंभीरता नहीं होने से चोर मूर्तियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में बेच देते हैं। मूर्ति चोरी सामान्य चोरी नहीं, यह हमारी हजारों साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों लोगों की आस्था पर हमला है।
पूर्व मंत्री ने सरकार से मंदिर सुरक्षा के लिए अलग थाना या हर रेंज में ‘धरोहर प्रकोष्ठ (Heritage Cell) का गठन की मांग करते हुए कहा कि मधुबनी सहित बिहार के सभी प्राचीन मंदिरों की मूर्तियों की वैज्ञानिक फोटोग्राफी, 3D स्कैनिंग और धातु जांच कर सरकारी डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाना चाहिए। सभी प्रमुख मंदिरों में CCTV, लॉकर और सुरक्षा गार्ड के लिए सरकारी अनुदान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार अगर मिशन मोड में काम करे तो बिहार की धरोहर को बचाया जा सकता है।



