
BIHAR:- मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में सड़क से ऊंची बन रही नाला, पहले मंत्री को आवेदन, फिर हाईकोर्ट में PIL की चेतावनी
मधुबनी- 22 सितंबर। बिहार सरकार के “विकास” के दावों की पोल नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा के गृह जिले मधुबनी में खुल रही है। मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में नाला निर्माण का काम नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। सड़क के लेवल से ऊंचा नाला बनाए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (कार्यक्रम प्रकोष्ठ) सह मिथलांचल संघर्ष समिति के अध्यक्ष इं. गौरीशंकर यादव ने मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा है कि मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में सड़क से ऊंचा नाला निर्माण की जांच के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा को आवेदन सौंपेंगे। अगर जांच नहीं हुई तो इसके बाद पटना उच्च न्यायालय में लोकहित याचिका (PIL) दायर कराएंगे।
एक दर्जन से अधिक वार्डों में सड़क से ऊंचा नाला—
इं. यादव ने कहा कि नगर निगम द्वारा वर्तमान में वार्ड 22 के जलधारी चौक से संस्कृत उच्च विद्यालय होकर पंचवटी चौक की ओर सड़क के एक ओर ऊंची नाला बनाई जा रही है। वहीं, राघोनगर चौक से पुरानी दुर्गा मंदिर, पंचवटी चौक से मस्जिद चौक तक, पं. बीएन झा कॉलोनी, उगना कालोनी सहित एक दर्जन से अधिक वार्डों में सड़क से ऊंचा नाला बनाया गया है। नालों की गहराई और निकासी पर ध्यान नहीं दिया गया। करोड़ों खर्च के बाद भी जलजमाव की समस्या बनी रहती है। कई जगहों पर तो नालों का कोई आउटलेट ही नहीं है।
सड़क से ऊंचा नाला, पानी जाएगा कहां?
इं. यादव ने कहा कि नियम कहता है नाला हमेशा सड़क से नीचा होना चाहिए ताकि पानी गुरुत्वाकर्षण से बहकर निकले। लेकिन यहां उल्टा काम हो रहा है। स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। CPWD और नगर विकास विभाग की गाइडलाइन में साफ है कि नाले का तल सड़क के तल से 15 से 30 सेमी नीचा होना चाहिए। AMRUT 2.0 और 15वें वित्त आयोग की गाइडलाइन में भी यही है।
दरभंगा-बेगूसराय में कार्रवाई, मधुबनी में चुप्पी—
इं. यादव ने कहा कि इसी तरह के मामले में दरभंगा नगर निगम में हाई कोर्ट ने 1 नवंबर 2025 को सड़क निर्माण पर रोक लगाई थी। बेगूसराय में जनवरी 2026 में वार्ड 32 में 30.44 लाख की लागत से बन रहे घटिया नाला-सह-सड़क को तोड़ दिया गया था, लेकिन मधुबनी में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।



