
रैयाम एवं सकरी चीनी मिल के पुनः संचालन से मिथिला क्षेत्र में गन्ना किसानों की आय एवं रोजगार के अवसर: मंत्री
गन्ना किसानों की समृद्धि एवं गन्ना क्षेत्र के विकास को लेकर एक दिवसीय किसान संगोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
दरभंगा, 17 अगस्त। दरभंगा में गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में एक दिवसीय गन्ना किसान संगोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मंत्री,गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार संजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित माननीय जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को पाग, चादर एवं पौधा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में दरभंगा के सांसद दरभंगा डॉ.गोपाल जी ठाकुर,केवटी के विधायक मुरारी मोहन झा, दरभंगा ग्रामीण के विधायक राजेश कुमार मंडल, गौड़ाबौराम के विधायक सुजीत कुमार सिंह, ईखायुक्त,गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार अनिल कुमार झा, जिलाधिकारी दरभंगा कौशल कुमार,उप विकास आयुक्त स्वप्निल,सहायक निदेशक ईख विकास, दरभंगा अजीत कुमार प्रसाद सहित विभागीय पदाधिकारी एवं वरीय वैज्ञानिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त निदेशक,गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना रेहमंत झा ने किया।
किसानों को गन्ना उत्पादन की आधुनिक तकनीक एवं विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी।
कार्यशाला के दौरान किसानों को गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम,गन्ना यंत्रीकरण योजना,गन्ना नर्सरी एवं बीज विकास योजना सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही गुड़ इकाई योजना,बिहार में गन्ने की खेती की नवीनतम तकनीक,गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के लिए उत्तम प्रभेद के महत्व, एकल गाँठ बीज गुणक की आवश्यकता तथा गन्ने की खेती में पोषक तत्व प्रबंधन एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि आज का दिन अत्यंत हर्ष का है। उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चालू किया जाएगा तथा 20 नवंबर 2026 को इसकी आधारशिला रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिल के पुनः संचालन को लेकर विभाग के वरीय पदाधिकारियों के साथ लगातार चर्चा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गन्ना उद्योग आने वाले समय में रोजगार का बड़ा संसाधन बनेगा। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक हर हाल में पहुंचाया जाए।
मंत्री ने किसानों से अपील की कि गन्ने की खेती से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए विभागीय पदाधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि किसान खुशहाल होगा, तभी राज्य खुशहाल होगा। किसानों को कृषि यंत्रों पर दिए जा रहे अनुदान का लाभ उठाने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से एक दिन में लगभग 25 हजार किसानों ने अपना निबंधन कराया है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक किसानों के बीच जाकर उन्हें तकनीकी आधारित गन्ना खेती की जानकारी देंगे, ताकि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ना अनुसंधान संस्थान खोलने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
दरभंगा के सांसद डॉ.गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार दरभंगा तथा मिथिला क्षेत्र को औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास तथा उन्नत तकनीक के माध्यम से बेहतर उत्पादन के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है और अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दरभंगा के रैयाम एवं सकरी दोनों चीनी मिलों के पुनः शुभारंभ से मिथिला क्षेत्र के किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। किसानों को चीनी मिल संचालन के लिए फसल तैयार रखने का आह्वान
केवटी के विधायक मुरारी मोहन झा ने कहा कि किसान धरती के अन्नदाता हैं और उनका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने किसानों से गन्ना उत्पादन के लिए अपना निबंधन कराने का अनुरोध किया। साथ ही किसानों को बीज उत्पादन के लिए भी प्रेरित किया, ताकि अधिक से अधिक किसान गुणवत्तापूर्ण बीज का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि किसान इस प्रशिक्षण कार्यशाला में प्राप्त तकनीकी जानकारी को अपने गांव एवं आसपास के अन्य किसानों तक भी पहुंचाएं,जिससे वैज्ञानिक एवं उन्नत तकनीक के माध्यम से गन्ने के उत्पादन में वृद्धि हो सके।
दरभंगा ग्रामीण के विधायक राजेश कुमार मंडल ने कहा कि चीनी मिल का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अभी से गन्ने की फसल की तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में पूरी तरह प्रतिबद्ध एवं कृतसंकल्पित है।
गौड़ाबौराम के विधायक सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सुना जाए तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों के हित में विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
ईखायुक्त गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार अनिल कुमार झा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को नि:शुल्क गुणवत्ता युक्त गन्ना बीज उपलब्ध कराया जाएगा। बीज की कटाई परिवहन, लोडिंग एवं अनलोडिंग का संपूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना खेती के विस्तार से उत्पादन उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि होगी।
जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार ने कहा कि आज का दिन किसानों के लिए हर्ष का विषय है। गन्ना उद्योग विभाग द्वारा संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कर किसानों को आधुनिक तकनीक एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि रैयाम एवं सकरी चीनी मिलों के पुनः संचालन से गन्ना किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग किसानों के हित में पूरी सजगता के साथ कार्य कर रहा है। गन्ने की खेती किसानों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने बताया कि दोनों चीनी मिल क्षेत्र के अंतर्गत अब तक लगभग 26 हजार किसानों ने अपना निबंधन कराया है।
जिलाधिकारी ने किसानों को गन्ने से संबंधित अन्य उत्पादों के निर्माण की दिशा में भी विचार करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि जिले में प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि किसानों को योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उनके गांव के स्तर पर उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम के अंत में माननीय मंत्री, माननीय सांसद एवं माननीय विधायकों द्वारा प्रगतिशील किसानों सहित उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक गन्ना खेती अपनाने, गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग करने, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन करने तथा सरकार द्वारा संचालित गन्ना विकास एवं यंत्रीकरण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य गन्ना क्षेत्र का विस्तार, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि तथा किसानों की आय एवं आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना रहा।



