
MADHUBANI: आया बारिश का मौसम, केनालों की सफाई पर संशय, बजबजा रही नालियां, झील बनेगा शहर
मधुबनी- 21 मई। मानसून आने वाली है। शहर के लोगों को जलजमाव की आशंका सताने लगी है। गुरुवार की दोपहर की बारिश ने मानसून की याद दिला दिया है। मानसून आगमन पर मूसलाधार बारिश से शहर में जलजमाव की स्थिति बिगड़ सकती है। निगम क्षेत्र की गली-मुहल्लों की बात दूर जिला मुख्यालय स्थित वरीय अधिकारियों के आवासीय परिसर में पानी जमा हो सकता है। स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट का कार्य फिलहाल बंद है। इसके तहत थाना चौक से कोतवाली चौक तक निर्मित नाला की सफाई नहीं होने से कचरा से जाम है। जिससे बरसात के समय जलजमाव की समस्या गंभीर हो सकता है। शहर नालों के दूषित पानी का झील बन सकता है। इधर, मानसून आगमन से पूर्व तक नगर निगम प्रशासन जलनिकासी के उपाय किए जाने के दावों का राग अलाप रहा है। हालांकि झमाझम बारिश के बाद जिला मुख्यालय स्थित हाकिमों के आवासीय व कार्यालय परिसर से जलनिकासी के लिए डिवॉटरिंग, पंपिग सेट लगाई जाएगी। लेकिन शहर के अनेकों गली-मोहल्लों को जलजमाव के बीच छोड़ दिया जाएगा।
जलनिकासी से निजात दिलाने के दावे टाय-टाय फिस्स
बता दें कि स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत शहर के थाना चौक से कोतवाली चौक तक बनाए गए केनाल कीचड़ से भरा रहने से जलजमाव की संकट को गंभीर बन जाता है। जलजमाव झेलने के बाद भी कई पार्षद निगम की लचर व्यवस्था पर चुप्पी साधे रहते हैं। पार्षद अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त नहीं कर पाते हैं। अधिकांश पार्षदों की चुप्पी पर वार्ड के लोग आक्रोश व्यक्त करने लगते है। इसके बाद भी नगर निगम प्रशासन की उदासीनता शहर वासियों के लिए निराश कर देता है। वहीं, नगर निगम प्रशासन जलनिकासी के दावे कर अपनी पीठ थपथपा कर अगले साल बारिश का इंतजार करते है।शहर को जलजमाव से छुटकारा दिलाने का नगर निगम का दावा खोखला साबित होता है।जलनिकासी से निजात दिलाने के दावे टाय-टाय फिस्स हो जाता हैं।
केनालों की साफ-सफाई की कागजी खानापूर्ति
मानसून पूर्व केनालों की साफ-सफाई की कागजी खानापूर्ति सामने आती है। इस कार्य पर लाखों का व्यय हो जाता है। मानसून में शहर के तिरहुत कॉलोनी, प्रगति नगर कॉलोनी, विनोदानंद झा कॉलोनी, बुद्धनगर, यदुवंशी नगर, आदर्शनगर कॉलोनी, लक्ष्मी सागर, रहमतगंज, सदर अस्पताल परिसर, ऑफिसर्स कॉलोनी, गोशाला मोहल्ला,
गंगासागर चौक, बाटा चौक, चूड़ी बाजार चौक, सूडी स्कूल चौक, गांधी चौक, संतुनगर चौक, लहेरियागंज, गिलेशन बाजार, लोहापट्टी, गदियानी चौक सहित शहर के अन्य इलाका झील बन जाता है। दर्जनों लोगों के घरों में नाला का पानी प्रवेश कर गया है। लोगों को नाला के दूषित पानी होकर आवाजाही करना पड़ता है।कीड़े-मकोड़े घर में प्रवेश कर रहे हैं।नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने बताया कि मानसून से पूर्व नगर निगम क्षेत्र के नालियों की सफाई कार्य किए जा रहे है। शहर में जलनिकासी के लिए त्वरित उपाय युद्ध स्तर पर कराई जाती है।


