
MADHUBANI: नगर निगम के सभी घरों तक जलापूर्ति का दावा हवा-हवाई, हजारों लोगों को नहीं मिल रहा नल से जल
मधुबनी- 28 अप्रैल। नगर निगम क्षेत्र के सभी घरों तक मार्च 2026 तक नल जल योजना के तहत जलापूर्ति का निगम की दावा अप्रैल तक भी हवा-हवाई साबित हो रहा है। बता दें कि पिछले सशक्त स्थाई समिति और बोर्ड की बैठक में मार्च 2026 तक निगम के छूटे हुए घरों तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया था। इधर, गर्मी के चलते चापाकलों का गला सूखने के चलते निगम के करीब 10 वार्डों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। तिलक चौक कब्रिस्तान के सामने असगर अली लाज के आगे सार्वजनिक चापाकल दो साल से बंद पड़ा है।

बतादें कि निगम के अधिकांश वार्डों में दो साल से नल जल योजना की स्थिति दयनीय बनी है। कई वार्डों में जलमीनार की हालत ठीक नहीं है। नल जल योजना के पाइपलाइन से वंचित घरों तक पाइपलाइन जोड़ने का आश्वासन भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। नगर निगम कार्यालय के मुताबिक निगम क्षेत्र में 92 जलमीनार वर्तमान में चालू अवस्था में हैं, जिनके माध्यम से नियमित जलापूर्ति की जा रही है। इसके अलावा 90 समर्सिबल कार्यरत हैं, जिससे विभिन्न वार्डों में पानी मुहैया हो रही है। निगम क्षेत्र के कई मोहल्लों में अभी तक नल-जल योजना नहीं पहुंच पाई है। इन क्षेत्रों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शहर के कोतवाली चौक, दुर्गा स्थान सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों के चापाकलों खराब होने से आम लोगों के समक्ष पानी की समस्या बनी है।
वहीं, अनेकों जगहों पर प्रथम लेयर पर गाड़े गए चापाकल का पानी पीने लायक नही होता है। बता दें कि करीब डेढ़ लाख की आबादी वाले निगम क्षेत्र के कुल 45 वार्डों में एक दर्जन वार्डों नल जल योजना आधी-अधूरी होने से करीब 50 हजार लोगों को लोगों को नल से जल का लाभ नहीं मिल रहा है। इन लोगों के समक्ष पानी की सर्वाधिक किल्लत बनी रहती है।निगम कार्यालय के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में नल जल योजना पर अब तक 10 करोड़ से अधिक राशि खर्च की गई है। जलसंकट झेल रहे लोग अपने-अपने पड़ोसियों का सबमर्सिबल ही सहारा होता है।पड़ोसियों के कृपा से इन्हें पानी नसीब होता है। जब पड़ोसी से किसी भी कारण पानी नहीं मिल पाता है तो इन्हें भारी मुसीबत झेलना पड़ता है।
इधर नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने बताया कि निगम के सभी वाडों में नल जल योजना से छूट घरों को जोड़ने की दिशा में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।



