
स्थानीय कलाकारों और रंगकर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करता ‘इप्टा’ : ऋषि बशिष्ठ
मधुबनी- 12 जून। भारतीय जननाट्य संघ ‘इप्टा’ द्वारा शहर के स्टेडियम रोड स्थित इप्टा कार्यालय के 20 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला चल रहा है। प्रभात रंजन के निर्देशन में चल रहे कार्यशाला में तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं अभिनय के गुर सीख रहे हैं। 5 से 25 जून तक चलने वाले इस कार्यशाला में नाट्य-जगत के चर्चित एवं प्रशंसित निर्देशक आकर प्रशिक्षु को प्रशिक्षित कर रहे हैं। कार्यशाला के शुभारंभ पर प्रसिद्ध साहित्यकार और रंग निर्देशक ऋषि बशिष्ठ ने बच्चों को नाट्य शास्त्र को पंचम वेद कहे जाने की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इप्टा रंगकर्मियों और स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने, प्रशिक्षण प्राप्त करने और प्रस्तुति देने के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करता हैं।स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए इप्टा द्वारा नाट्य उत्सव आयोजित किए जाते हैं। थियेटर, अभिनय कार्यशालाओं और नाटकों के मंचन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
इप्टा के राष्ट्रीय सचिव इन्द्र भूषण रमण ‘बमबम’ ने मधुबनी के रंगमंचीय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रंगकर्मियों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाती है। भारतीय जन नाट्य संघ जैसी संस्थाएं देश के विभिन्न जिलों और शहरों में स्थानीय रंगकर्मियों को थियेटर से जोड़ने के लिए नाट्य कार्यशाला आयोजित करती हैं। सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने वाले मधुबनी ‘इप्टा’ लगातार शहर सहित देशभर में नाट्य-प्रस्तुतियां करती रही है। कार्यशाला में इप्टा के सचिव रंजीत कुमार राय, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार ने भी अभिनय के कई महत्वपूर्ण उदाहरण एवं उद्देश्य को रेखांकित किया।



