
MADHUBANI: मंडल कारा के बंदी रौशन यादव की मौत, 67 दिन बाद जेल में अचेत मिले, NHRC और मजिस्ट्रेट कर रहे जांच
मधुबनी-18 अगस्त। जिले के रामपट्टी मंडल कारा के एक बंदी रौशन कुमार यादव की मौत को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा बताया गया है कि 10 अगस्त 2026 को जेल अधीक्षक को सूचना मिली कि रौशन कुमार यादव अचेत अवस्था में मिले हैं।जेल कर्मियों ने तुरंत बंंदी को इलाज के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी भेजा। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी के आदेश पर मजिस्ट्रेट जांच शुरू की गई। त्रिसदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया।पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट मिल गई है, अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में बतया गया है कि मजिस्ट्रेट द्वारा जेल में लगे सभी CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। जेल के अंदर की हर गतिविधि CCTV की निगरानी में रहती है। घटना के 24 घंटे के अंदर NHRC को रिपोर्ट भेज दी गई थी। NHRC की गाइडलाइंस का पालन किया गया है। जेल अधीक्षक के आवेदन पर राजनगर थाना में UD कांड संख्या-13/26, दिनांक 11.08.2026 दर्ज किया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भी मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट NHRC के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
SSP कार्यालय ने स्पष्ट किया कि घटना मंडल कारा के अंदर हुई है, जहां केवल कारा प्रशासन के कर्मी मौजूद रहते हैं। जिला पुलिस की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
रौशन कुमार यादव को 2 जून 2026 को रहिका थाना कांड संख्या 147/26, धारा125 (1-B)/26 आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया था। 3 जून को उसे जेल भेजा गया था।गिरफ्तारी के बाद BNSS की धारा 48 के तहत उसकी मां को सूचना दी गई थी। PHC रहिका के डॉक्टर ने उसे फिट घोषित किया था। जेल भेजे जाने के 67 दिन बाद यह घटना हुई। रौशन पर कुल 5 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। दर्ज मुकदमे में दरभंगा केवटी और मधुबनी के औसी व रहिका थानों में चोरी और आर्म्स एक्ट के शामिल हैं।



