
MADHUBANI:- गंगासागर काली मंदिर को बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद में अधिग्रहित कराने की पहल
मधुबनी- 26 अप्रेल। मधुबनी शहर के गंगा सागर काली मंदिर को बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत अधिग्रहित कराने की तैयारी शुरु हो गई है। इसके लिए स्थानीय लोगों द्वारा बैठक कर संयुक्त रूप से बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को एक आवेदन सौंपने का निर्णय लिया है। इसकी जानकारी देते हुए पंडौल प्रखंड राजद प्रवक्ता सुमन सिंह यादव ने बताया कि कामेश्वर सिंह धार्मिक,न्यास दरभंगा श्यामा सेवैत के तहत मधुबनी शहर के प्रसिद्ध गंगा सागर काली मंदिर परिसर पूरी तरह व्यवसायिक परिसर बन गया है। इस परिसर में करीब 100 दुकान बनाई गई है। परिसर के दुकानों से किराया के रुप में लाखों रुपये की आमदनी का अनुमान है। जबकि दुकानदारों से अग्रिम राशि के रुप में लाखों रुपये लिए जाने की चर्चा आम हो चुकी है। इस परिसर से सालाना लाखों की आमदनी का अनुमान है। जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं देखा जा रहा है। इधर दुकानदारों का माने तो लिए जाने वाला किराया और अग्रिम राशि का कोई रसीद नहीं दिया जाता है।
जानकारों के अनुसार परिसर की दुकानों से किराया और अग्रिम राशि से नगर निगम सहित सरकार के किसी भी विभाग को एक रुपये का भी राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही है। जबकि सालाना करोड़ों का कारोबार करने वाले दुकानदारों से सरकार को जीएसटी नही मिल रहा है। परिसर के दुकानों से नगर निगम को ट्रेड लाइसेंस के नाम पर कोई आय नहीं हो रहा है। यहां के दुकानदारों का अब तक ट्रेड लाइसेंस निर्गत नहीं किया जा सका है। वार्ड 15 के तहत इस परिसर के 100 से अधिक दुकानों से प्रतिदिन निकलने वाले कचरा की सफाई नगर निगम की सफाई कर्मियों द्वारा की जाती है। वहीं, यहां खरीदारी के लिए आने वालों के लिए टायलेट, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर राशि का व्यय नहीं किया जाता है।



