
समर्थ पोर्टल की खामियां से स्नातक प्रथम सेमेस्टर में अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्र-छात्राओं के नामांकन पर संकट: पूर्व मंत्री
मधुबनी – 10 जुलाई। पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक समीर कुमार महासेठ ने बताया कि समर्थ पोर्टल की तकनीकी खामियां से मधुबनी सहित अन्य जिलों के कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में नामांकन लेने वाले हजारों अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के समक्ष भारी संकट बना है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा से संबद्ध कॉलेजों में ऑनलाइन आवेदन के समय पोर्टल पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग का अलग विकल्प नहीं मिलने से छात्र-छात्राओं ने पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आवेदन कर दिया। अब विश्वविद्यालय की ओर से नामांकन के लिए जारी श्रेणीवार मेरिट लिस्ट में उनका नाम पिछड़ा वर्ग में दर्ज है, जबकि विद्यार्थी कॉलेजों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग का प्रमाणपत्र लेकर पहुंच रहे हैं। पूर्व मंत्री ने बताया कि श्रेणी और प्रमाणपत्र में अंतर से कॉलेज प्रशासन उनके आवेदन की छायाप्रति और अन्य कागजात जमा नहीं कर पा रहा है।
कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नामांकन लेते हैं। इनमें अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या हजारों में होती है। ऐसे में पोर्टल की तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का नामांकन प्रभावित होने की आशंका है। नामांकन के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन, विश्वविद्यालय से जारी श्रेणीवार सूची और मूल प्रमाणपत्रों के साथ सभी आवश्यक कागजात कॉलेजों में जमा करने हैं। लेकिन विश्वविद्यालय की सूची में पिछड़ा वर्ग दर्ज होने और विद्यार्थियों के पास अत्यंत पिछड़ा वर्ग का प्रमाणपत्र होने से मामला फंस गया है। उन्होंने बताया कि ईबीसी दो ही राज्य में है और समर्थ पोर्टल पर इसका ऑप्शन ही नहीं है। इसमें तत्काल सुधार की जरूरत है। जिले के कॉलेजों में सूची से अलग श्रेणी का प्रमाणपत्र स्वीकार करने पर भविष्य में नामांकन की वैधता पर सवाल उठ सकता है। यह समस्या गंभीर होती जा रही है।
विद्यार्थियों ने पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आवेदन किया है और अब अत्यंत पिछड़ा वर्ग का प्रमाणपत्र लेकर पहुंच रहे हैं। श्रेणी में अंतर के कारण आवेदन जमा नहीं हो रहा है। अगर शीघ्र समाधान नहीं निकला तो छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक सत्र बर्बाद हो सकता है। विश्वविद्यालय और सरकार को छात्रहित में तत्काल तकनीकी समस्या का समाधान निकालना चाहिए।



