
सुल्तानगंज नप कार्यालय में गोलीबारी की घटना राजनीति का अपराधीकरण: इं. गौरीशंकर यादव
मधुबनी- 29 अप्रैल। भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना के पीछे की सच्चाई सामने आने लगा है। इसे राजनीति का अपराधीकरण माना जा सकता है। उक्त बातें मिथिलाचंल संघर्ष समिति के अध्यक्ष व आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी इं. गौरीशंकर यादव ने कहीं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना तब होता है जब दंबग पृष्ठभूमि वाले लोग या उनके परिजन जनप्रतिनिधि बन जाते हैं। धनबल और दंबगई के सहारे विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों एवं दायित्वों के लिए चुने जाने जनप्रतिनिधियों और भ्रष्टतंत्र के तालमेल का शिकार अन्य पदाधिकारी और लोग होते है। सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना में कार्यपालकपदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत और सभापति की चिंताजनक स्थिति ज्वलंत उदाहरण माना जा सकता है। इस तरह की घटना लोकतंत्र के सिद्धांतों को कलंकित करता है। निष्पक्षता, जवाबदेही और कानून को प्रभावित करता है। यह खतरा आगे चलकर शासन-प्रशासन और समाज के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है।
उन्होंने कहा कि सुल्तानगंज नगर परिषद की घटना राजनीति में वर्चस्व कायम करने के साथ कानून का माखौल उड़ाने जैसा माना जाएगा। गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना करने वाले जनप्रतिनिधियों को किसी दल-पार्टी द्वारा संरक्षण दिया जाना, उसका बचाव करना, कुर्सी के लिए प्राथमिकता देना सुशासन को कलंकित करने से कम नहीं होगा। हालांकि सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय की घटना के पीछे टेंडर विवाद की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।



