
बांग्ला संगीत जगत के दिग्गज कलाकार चंडीदास माल का निधन
कोलकाता- 08 दिसंबर। बांग्ला संगीत जगत के दिग्गज कलाकार चंडीदास माल का निधन हो गया है। बुधवार सुबह बाली (हुगली) स्थित उनके आवास पर उनका निधन हुआ है। मृत्यु के समय उनकी उम्र 92 वर्ष थी। चंडीदास माल लंबे समय से उम्र जनित बीमारियों से ग्रसित थे।
उल्लेखनीय है कि चंडीदास माल को टप्पा, श्यामसमंगे (देवी के लिए भक्ति गीत) के गायन के लिए जाना जाता है। चंडीदास का जन्म 1929 में बाली में संगीत परिवार में हुआ था। उनके दादा शशिभूषण पात्रा, जो हुगली जिला अंतर्गत आरामबाग के दौलतपुर के एक प्रसिद्ध तबला कलाकार और शास्त्रीय संगीत के विद्वान थे। उन्होंने तीन साल की उम्र में अपने पिता से संगीत की शिक्षा शुरू की। छह साल की उम्र में उनकी संगीत प्रतिभा को पहचान मिली जब उन्हें ऑल बंगाल म्यूजिक एसोसिएशन में एक सम्मेलन में प्रथम पुरस्कार मिला। हालांकि उन्होंने न केवल संगीत बल्कि तबला भी सीखा था। उन्होंने रवींद्रनाथ भारती और विश्व-भारती विश्वविद्यालय में पुराने बांग्ला गीत भी पढ़ाए। उनकी कला के लिए अकादमी पुरस्कार भी मिला है।
साहित्यकार बुद्धदेव गुहा ने उनसे 10 साल पुराने गीत और टप्पा सीखा। इसके अलावा लोपामुद्रा मित्र, रिद्धि बनर्जी, चंद्रबली रुद्र और कई अन्य ने उनसे संगीत सीखा है। उनका निधन बांग्ला संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।



