
बिहार में अश्लील, द्वि-अर्थी जाति सूचक गीत बजाने पर लगी रोक, राज्य के सभी DM और SP को पत्र जारी
पटना- 16 जेन। राज्य के सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील, द्वि-अर्थी एवं जाति सूचक गीतों के प्रसारण पर नियंत्रण लगाई जाएगी। इस संदर्भ में बिहार सरकार कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव द्वारा गृह विभाग के सचिव को पत्र लिखा गया है। पत्र में बताया गया है कि राज्य के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, आयोजनों, बाजारों, वाहनों, विवाह समारोहों एवं अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील,द्वि-अर्थी एवं जातिसूचक भावनाओं को भड़काने वाले गाने खुलेआम बजाए जाने के कारण समाज में आपसी भाईचारा एवं सौहार्द के बदले अश्लीलता, हिंसक घटनाएं, आपसी द्वेष, वैमनस्य, कटुता एवं अशांति बढ़ रही है। इन गानों के प्रसारण से समाज में आम लोग असहज महसूस करते है, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों के प्रति नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण दूषित हो रहा है।
पत्र में बताया गया है कि बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा एवं लोक भाषाओं की गरिमा को बनाये रखना अत्यंत आवश्यक है। अश्लील एवं द्वि-अर्थी गाने न केवल सामाजिक मूल्यों के विरूद्ध है, बल्कि सार्वजनिक शिष्टाचार एवं कानून व्यवस्था के दृष्टि से भी अनुचित है। यह एक गंभीर व ज्वलंत सामाजिक समस्या है, जो महिलाओं, बच्चों एवं संपूर्ण समाज को बुरी तरह दुष्प्रभावित कर रहा है। इसको लेकर राज्य के सभी जिलाधिकारी, सभी वरीय पुलिस अधीक्षक, सभी पुलिस अधीक्षक को निर्देश जारी किया गया है।



