
बिहार का सरकारी खजाना खाली, भ्रष्टाचार चरम पर, बिना रिश्वत नहीं होता कोई काम: पूर्व मंत्री समीर महासेठ
मधुबनी- 16 जून। पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।आए दिन हत्या, बलात्कार और छेड़खानी जैसी घटनाएं हो रही हैं। सरकारी खजाना पूरी तरह से खाली है, भ्रष्टाचार चरम पर है और बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है। बिहार में डबल इंजन की सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। कानून व्यवस्था कागजों तक सीमित रह गया है।
सामाजिक और आर्थिक न्याय की स्थिति बद से बदतर हो गई है।महंगाई ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पैकेटबंद खाद्य सामग्री से लेकर दाल, तेल, दूध, आटा, चावल जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। महंगाई आसमान छू रही हैं। बच्चों की पढ़ाई, बिजली बिल और रसोई का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। पिछले तीन महीनों में घरेलू गैस की मूल्य वृद्धि से आम लोगों के बजट पर बोझ बढा दिया है। बिहार में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं बेतहाशा इजाफा होने से महिलाओं को घर से निकलने में डर लगने लगा है। बेरोजगारी के चलते बिहार से पलायन बढ़ता जा रहा है। सभी विकास योजना भ्रष्टाचार का शिकार होकर रह गया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार और बिगड़ती विधि-व्यवस्था के खिलाफ राजद का राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत 17 जून को जिला मुख्यालय में धरना दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं, युवाओं के रोजगार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, महंगाई पर नियंत्रण तथा भ्रष्टाचार पर रोक लगाने सहित हरेक मोर्चा पर एनडीए सरकार विफल साबित हुआ है। जनता के हक, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को लेकर राष्ट्रीय जनता दल का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राजद सदैव जनता के साथ खड़ा रहेगा। बिहार में लूट-खसोट की सरकार चल रहा है। भ्रष्टाचार, घोटालों और कुप्रबंधन बिहार सरकार की पहचान बन गई है। ब्लॉक, अंचल और थानों सहित विभिन्न सरकारी स्तरों पर बिना लेन-देन के काम नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। अपने अधिकार की मांग करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।
सत्ता में बैठे लोगों की मानसिकता निरंकुश हो गया है। अब समय आ गया है कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। सरकार विपक्षी दल के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाई जा रही है। जन सरोकार के प्रति सरकार की उदासीनता और बिहार सरकार की हिटलरशाही के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।



