
भारत-नेपाल सीमा से वाहन आवागमन पर लगी रोक के खिलाफ प्रदर्शन
मधुबनी-16 दिसंबर। लौकहा होकर भारत-नेपाल के बीच वाहनों के आवागमन पर लगी रोक के खिलाफ सीमावर्ती लौकहा बाजार के व्यसायी एवं आम नागरिक गुरुवार सुबह वहां स्थित सीमा चेक पोस्ट के सामने धरना पर बैठ गए। लौकहा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गौरीशंकर शारदा ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि पौने दो वर्ष पूर्व कोरोना संक्रमण के मद्देनजर भारत सरकार ने दोनों देशों के बीच वाहनों के आवागमन पर रोक लगायी थी। कोरोना के कारण उत्पन्न स्थिति को सामान्य होते देख जयनगर एवं कुनौली आदि भारतीय चेक पोस्टों पर यह रोक सरकार ने हटा ली किंतु लौकहा में इसे अभी तक बरकरार रखा गया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहां कि व्यवसायिक वाहनों के आवागमन पर कोई रोक नहीं है। चावल-गेहूं स लदे वाहन पुर्जा कटाते है। तथा आराम से निकल जाते है। किंतु सवारी वाहनों को जयनगर या फिर कुनौली होकर आना-जाना पड़ता है। वाहनों के जरिए माल-सामान की ढ़ुलाई नहीं हो पाने का लौकहा बाजार की व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पर रहा है। व्यापारियों को तो नुकसान उठाना ही पर रहा है।
सीमा पार नेपाल के बड़े क्षेत्र के लोग शादी व्याह के अवसर पर भी यहां से सामान नहीं खरीद पा रहे है। दोनों देशों के बीच रिश्तेदारियां है। जरूरत पड़ने पर भी वाहनों में बैठकर लोग इस पार से उस पार नहीं जा सकते है। बीमार लोगों को तो और भी कठिनाई हो रही है। धरना की खबर पाकर लौकहा एसएसबी के प्रभारी सहायक कमान्डेंट जवानों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरनार्थियों से उनका ज्ञापन प्राप्त किया। तथा एसएसबी के माध्यम से इसे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रभारी सहायक कमान्डेंट के इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। धरना में विष्णु कलंत्री,शिव कुमार शारदा,अविनाश कुमार वर्मा,रामबाबू गुप्ता,गुलाब साह,टिकू अग्रवाल,उमेश साह,बिनोद साह,राजेश अग्रवाल,कांति कुमार लाहा,नीरज साह,रामनरेश गुप्ता,गोपाल गुप्ता,साकेत गुप्ता आदि सक्रिय रूप से शामिल थे।


