
देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यकः उप राष्ट्रपति
नई दिल्ली- 16 दिसंबर। उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने गुरुवार को कहा कि देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए इसे जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी राज्यों में डोर टू डोर सर्वे किया जाना चाहिए, ताकि टीबी के मरीजों का शीघ्र पता लगाकर उनका इलाज किया जा सके। उन्होंने कहा कि देश में 18 लाख से ज्यादा टीबी के मरीज हैं। सभी हितधारकों के सहयोग से देश को साल 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल करना है।
उप राष्ट्रपति नायडू गुरुवार को विज्ञान भवन में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में टीबी उन्मूलन पर आयोजित संसदीय सम्मेलन में बोल रहे थे। इस मौके पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, राज्यमंत्री मुंजापारा महेन्द्रभाई, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती पवार, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव इंदीवर पांडे मौजूद थे।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने कहा कि देश को साल 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि टीबी हारेगा तभी देश जीतेगा। वे विज्ञान भवन में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा टीबी उन्मूलन पर आयोजित राष्ट्रीय संसदीय सम्मेलन में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि विश्व में टीबी उन्मूलन का लक्ष्य साल 2030 तक रखा गया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस लक्ष्य को पांच साल पहले ही पूरा करने का संकल्प रखा है। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए राज्यों को इस दिशा में रोड मैप बनाने को कहा गया है। सामूहिक प्रयासों के साथ ही इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है।
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि देश में 6 लाख 90 हजार महिलाएं टीबी से ग्रस्त हैं। वे समाजिक चुनौतियों के साथ आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं। टीबी एक बीमारी है, समाजिक कलंक नहीं है। इस दिशा में कई महिलाओं ने टीबी को न केवल हराया है बल्कि दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा भी बनी हैं। देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में सभी जनप्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र में चल रही संबंधित गतिविधियों की समीक्षा करनी चाहिए। सभी के सहयोग से यह लक्ष्य पूरा हो सकेगा।



