
नासा में साइंटिस्ट भरतपुर की बेटी ने अंग्रेज दूल्हे से की भारतीय परंपरा से शादी
भरतपुर-2 दिसंबर। अमेरिका से गुरुवार को बारात आई तो नासा में साइंटिस्ट करिश्मा ने अमेरिका के नेशनल लैब में साइंटिस्ट केलेब कैम्पबेल के साथ खुशी-खुशी में भारतीय परंपरा के अनुसार फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा कर लिया। विवाह भारतीय परंपरा और रीति-रिवाजों के साथ हुआ। बैंडबाजे की धुन पर बाराती-घराती झूमकर नाचे। इस विवाह में तिलक, गीत-संगीत, मेहंदी, चाक-भात और घुड़चढ़ी-तोरण रस्में हुईं।
शादी में तोरण से लेकर फेरे तक की रस्मों को दूल्हे कैम्पबेल ने पूरी शिद्दत से निभाया। बयाना में मंच पर वरमाला की रस्म देख विदेशी मेहमान काफी खुश रहे। उन्होंने फूल बरसाकर अपनी खुशी का इजहार किया। फेरे की रस्म तो उनके लिए पूरी तरह अनूठी ही थी। अमेरिकी दूल्हे के परिवार के सदस्य यह सब कुछ देखना चाहते थे। कैम्पबेल ने शादी से पहले ही बता दिया था कि शादी भारत में होगी और करिश्मा के परिवार की रीतियों के अनुसार होगी।
परिजन बताते हैं कि करिश्मा बंसल 12वीं क्लास के बाद आईआईटी में जाना चाहती थीं। कोटा में रहकर स्टडी भी की, लेकिन सफल नहीं हो पाई। पिता दिनेश चंद्र बंसल चाहते थे कि वह साइंटिस्ट बने। कोटा स्टडी से आईआईटी की सीढ़ी नहीं चढ़ पाई करिश्मा पुणे चली गई और वहां इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजूकेशन एंड रिसर्च में एडमिशन लेकर एस्ट्रोनॉमी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद पीएचडी करने मैक्सिको चली गईं। दोनों की जोड़ी यहीं बनी। मैक्सिको में पीएचडी के दौरान ही करिश्मा की कैम्पबेल से मुलाकात हुई। केलेब कैम्पबेल भी पीएचडी कर रहे थे। दोनों के बीच दोस्ती हुई और शादी का फैसला कर लिया। वर्तमान में कैम्पबेल नेशनल लैब अमेरिका में साइंटिस्ट हैं।



