
विश्व हास्य दिवस: सबसे जरूरी दिल खोलकर हंसना और दूसरों को भी हंसाना
मधुबनी – 3 मई। विश्व हास्य दिवस पर शहर के स्टेशन चौक हनुमान प्रेम मंदिर परिसर में हास्य संगोष्ठी का आयोजन मानव समृद्धि संस्थान के तत्वावधान में किया गया। संगोष्ठी में संस्थान के संस्थापक सह महासचिव महेशचन्द्र झा ने कहा कि हास्य तनाव मुक्त जीवन की ओर बढ़ाता है। आज के समय में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
भागदौड़ भरी जिंदगी में हंसना भूल जाते हैं। ऐसे में हंसी प्राकृतिक दवा की तरह काम करती है। यह दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में हंसी-मजाक के जरिए साकारात्मक सोच और भाईचारे को बढ़ावा देना है। पं. ऋषिनाथ झा ने कहा कि सबसे जरूरी है दिल खोलकर हंसना और दूसरों को भी हंसाना। हंसी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद और लोगों को जोड़ने का काम करती है। हंसने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है। यह खुशी का एहसास देता है। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।हंसी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करती है। मुन्ना कुमार ने कहा कि दुनिया भर में लाफ्टर योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग हंसने की एक्सरसाइज करते हैं। यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।
विश्व हास्य दिवस की शुरुआत 1998 में भारत में हुई थी। हर साल मई के पहले रविवार को इसे लाफ्टर योग आंदोलन के संस्थापक डाॅ. मदन कटारिया ने शुरू किया। हास्य दिवस का उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त करना है। हास्य संगोष्ठी में संजीव कुमार मिश्र, सचिन कुमार, शंकर झा, राहुल कुमार सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।



