
मुख्यमंत्री ने की पटना मेट्रो, सैटेलाइट टाउनशिप और जेपी गंगा पथ परियोजनाओं की समीक्षा, समय पर पूरा करने के दिए निर्देश
पटना- 02 मई। मुख्यमंत्री सम्राट चौघरी की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में पटना मेट्रो रेल परियोजना, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप योजना तथा जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान (फेज-1) परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान पटना मेट्रो परियोजना और राज्य में प्रस्तावित नए टाउनशिप की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस अवसर पर स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मेट्रो निर्माण में आ रही सभी बाधाओं को शीघ्र दूर कर कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को चरणबद्ध ढंग से तय समय-सीमा के अनुसार पूरा किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (पीटीआर) एक उपयोगी परिवहन प्रणाली साबित होगी, जिससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को सुगम और निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।
इस दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान (फेज-1) और पटना रिवर फ्रंट विकास परियोजना पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि यह परियोजना दीघा से सभ्यता द्वार (गांधी मैदान) तक लगभग 6 किलोमीटर लंबी होगी, जिसे 25 सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल और योजनाबद्ध तरीके से समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं का इस तरह विकास किया जाए कि आम लोग इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।
समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ पर पहुंचकर परियोजना के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने दीघा, एलसीटी घाट और बांस घाट पर रुककर चल रहे विकास कार्यों का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा पथ का सौंदर्यीकरण और विकास कार्य इस तरह किए जाएं कि यह सुरक्षित होने के साथ-साथ आम लोगों के लिए आकर्षण और आनंद का केंद्र भी बन सके।



