
भगवान शिव की विशेष कृपा के लिए सबसे सरल और अचूक उपाय पार्थिव शिवलिंग की पूजा
मधुबनी- 22 मई। पार्थिव शिवलिंग (मिट्टी से बने शिवलिंग) की पूजा भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और अचूक उपाय माना जाता है। बता दें कि 19 जून से रहिका प्रखंड के कपिलेश्वर स्थान परिसर में आयोजित होने वाले शिव शक्ति महायज्ञ में पार्थिव शिवलिंग की विशेष पूजा की जाएगी। पार्थिव शिवलिंग पूजा के महात्म्य की चर्चा करते हुए पं. ऋषिनाथ झा ने बताया कि यज्ञ स्थल पर शिव भक्ति में लीन होकर मिट्टी के शिवलिंग बनाना और इसकी पूजा से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त होती है।
उन्होंने कपिलेश्वर स्थान परिसर स्थित शिव शक्ति महायज्ञ में पार्थिव शिवलिंग बनाने जैसे पवित्र कार्य में अधिक से अधिक लोगों को शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि शिव शक्ति महायज्ञ में पार्थिव शिवलिंग का पूजन करने का महात्म्य सामान्य दिनों से कई गुना अधिक होता है। भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने से पहले समुद्र के किनारे रामेश्वरम में पार्थिव शिवलिंग की पूजा की थी। स्कंद पुराण, लिंग पुराण और शिव महापुराण में पार्थिव शिवलिंग पूजा से अखंड सौभाग्य, रोग मुक्ति, धन-धान्य और अकाल मृत्यु से रक्षा का वरदान प्राप्त होने का उल्लेख मिलता है। मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण और पूजन करने से सभी सांसारिक और आध्यात्मिक इच्छाएं पूरी होती हैं।
कुंडली में स्थित सूर्य, चंद्रमा,राहु-केतु से जुड़े दोषों को शांत करने के लिए यह पूजा प्रभावशाली होता है। घर में सुख-शांति आती है, आपसी प्रेम बढ़ता है और असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है। नदी की शुद्ध मिट्टी से बनाए गए शिवलिंग की पूजा के बाद इसका विधि-विधान से जल में विसर्जन कर दिया जाता है।



