
करवा चौथ पर महासंयोग में ग्रह-गोचर का दुर्लभ संगम, दांपत्य जीवन के लिए अति शुभ : पं. ऋषिनाथ झा
मधुबनी, 05 अक्टूबर। इस साल 29 अक्टूबर को पड़ रही करवा चौथ पर ग्रह-गोचर का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। पं. ऋषिनाथ झा के अनुसार यह संयोग दांपत्य जीवन के लिए अति शुभ फलदायी होगा।
चंद्रमा अपनी स्वराशि वृषभ में रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे, जो सुहाग और समृद्धि का कारक है। बृहस्पति (गुरु) का शुभ दृष्टि संबंध चंद्रमा पर रहेगा, जिससे इस व्रत का फल कई गुना बढ़ जाएगा। शुक्र तुला राशि में रहेंगे, जो प्रेम और दांपत्य सुख के कारक हैं। सूर्य-बुध का तुला में संयोग बुद्धादित्य योग बनाएगा।
उन्होंने बताया कि इस दिन गौरी योग, परिधि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का त्रिवेणी संगम बन रहा है। गौरी योग में की गई पूजा से माता पार्वती अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं, जबकि सर्वार्थ सिद्धि योग में किया गया हर कार्य सिद्ध होता है।
पं. झा ने कहा कि जब महासंयोग के साथ ग्रह-गोचर का ऐसा समावेश हो जाए तो यह व्रत और भी फलदायी हो जाता है। वृषभ का चंद्रमा मन में स्थिरता लाता है, शुक्र प्रेम बढ़ाता है और गुरु वैवाहिक जीवन की रक्षा करता है।
पं. झा ने सुहागिनों को सलाह दी कि इस दिन शाम को शिव-पार्वती के साथ करवा माता की पूजा-अर्चना करें। पूजा मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक और चंद्रोदय रात 8:17 बजे होगा। सच्चे मन से व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य देने से पति की आयु, स्वास्थ्य और घर में सुख-समृद्धि तीनों में वृद्धि होगी।



