
मौलाना तौसीफ रजा की संदिग्ध मौत पर सियासत तेज, उच्च स्तरीय जांच की मांग
किशनगंज- 01 मई। जिले के ठाकुरगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की उत्तर प्रदेश के बरेली में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। रेलवे ट्रैक के किनारे शव मिलने के बाद इस घटना को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी समेत पार्टी के कई नेताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ट्वीट कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने इस घटना को हादसा नहीं, बल्कि हत्या करार देते हुए कहा कि मृतक ने अपनी पत्नी को घटना से एक दिन पहले फोन कर मारपीट की जानकारी दी थी। आदिल हसन ने आरोप लगाया कि मौलाना तौसीफ रजा किसी हमले के डर में थे और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने इस दौरान भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं का जिक्र किया और इसे गंभीर मामला बताया।
गौरतलब है कि 27 अप्रैल को मौलाना तौसीफ रजा का शव बरेली में रेलवे ट्रैक के किनारे संदिग्ध अवस्था में मिला था। पोस्टमार्टम के बाद जब शव उनके पैतृक गांव ठाकुरगंज लाया गया, तो परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, मौलाना उत्तर प्रदेश के एक मदरसे में कार्यरत थे और बरेली शरीफ में आयोजित उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने गए थे। लौटने के दौरान ही यह घटना हुई। परिजनों ने आशंका जताई है कि अपराधियों ने उन्हें ट्रेन से गिराकर हत्या की है। वहीं मृतक की पत्नी ने बताया कि घटना से एक दिन पहले उनके पति ने फोन पर मारपीट की बात कही थी। फिलहाल इस मामले को लेकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।



