
MADHUBANI: पंडौल के सागरपुर श्मशान की भूमि पर दबंगों की नजर, सीमांकन नहीं हुई, तो अंचल कार्यालय का होगा घेराव
मधुबनी- 18 अप्रैल। पंडौल प्रखंड के सागरपुर स्थित दशकों से चली आ रही श्मशान की भूमि का प्रशासन द्वारा घेराबंदी नहीं किए जाने से आसपास के लोगों का आक्रोश गहराता जा रहा है। बता दें कि श्मशान की भूमि की घेराबंदी की मांग को लेकर साल 2022 में सागरपुर पेट्रोल पंप के पास स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जता चुके है। इससे पहले भी सड़क जाम किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों से श्मशान की भूमि को स्थानीय कुछ लोग कब्जा करना चाहते है। इसको लेकर साल 2022 में सड़क जाम के दौरान पंडौल के अंचलाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों ने इस मामले का निष्पादन का आश्वासन दिया गया था। लेकिन चार साल बित जाने के बाद भी श्मशान की भूमि की घेराबंदी नहीं किया जा सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन भू-माफिया के दवाब में आकर श्मशान की घेराबंदी नहीं कर रही है। जबकि लोग लगातार श्मशान कि भूमि की घेराबंदी करने की मांग करते रहे है।
इधर, मिथिलाचंल संघर्ष समिति के अध्यक्ष इं. गौरीशंकर यादव ने बताया कि श्मशान की भूमि को निजी होने दावा करने वाले एक व्यकि द्वारा इस भूमि के कुछ भाग का पंडौल अंचल से जमाबंदी कायम करा लिया गया था। बाद में सक्षम पदाधिकारी द्वारा जमाबंदी निरस्त कर दिया गया। इसके बाद भी भू-माफियाओं की नजर श्मशान की भूमि पर लगी है। उन्होंने कहा कि श्मशान की भूमि की घेराबंदी नहीं होने पर पंडौल अंचल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
अखिल भारतीय पान महासंघ के पंडौल प्रखंड अध्यक्ष सज्जन कुमार दास ने बताया कि साल 2022 से श्मशान भूमि की सीमांकन के लिए स्थानीय लोग अंचल कार्यालय का चक्कर लगाकर थक चुके है। इसके बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होना अंचल प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। इस मामले का निष्पादन नहीं होने से समाज में आक्रोश व्याप्त है।



