
MADHUBANI:- पंडौल के सागरपुर श्मशान की जमीन की खरीदा-बिक्री करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग
मधुबनी- 20 अप्रैल। जिले के पंडौल प्रखंड के सागरपुर श्मशान की जमीन पर निर्माण कार्य का मामला तूल पकड़ने लगा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अधिकांश श्मशान की जमीन किसी व्यक्ति के नाम पर दान नहीं दिया जाता है। भू-स्वामी लोगों के अंतिम संस्कार के लिए मौखिक रूप से समाज के लोगों के समक्ष दान की घोषणा कर दी जाती है। ऐसे जमीन को श्मशान के रुप समाज के सभी वर्ग के लोग अंतिम संस्कार के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। इसी प्रथा के रुप में पंडौल प्रखंड के सागरपुर श्मशान की पहचान बनी। ऐसे जमीन पर शव का अंतिम संस्कार जैसे कार्य होने के बाद इस जमीन को खरीदा-बिक्री करने वालों पर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई किया जाना चाहिए।
सागरपुर श्मशान की जमीन का केवाला को निरस्त करने के लिए अब लोक शिकायत निवारण कार्यालय में मामला दर्ज कराई जाएगी। सागरपुर श्मशान की जमीन की सभी केवाला निरस्त होने तक लड़ाई जारी रखा जाएगा। लोगों ने कहा कि श्मशान के लिए लिए सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने पर भू-स्वामी अपनी निज जमीन मौखिक रूप से देकर पुण्य का भागी बनते रहे है।
इसी तरह मधुबनी के कई भू-स्वामियों द्वारा जीवछ नदी किनारे अपनी निजी जमीन श्मशान के रूप में उपयोग करनी की छूट दी गई। लोगों ने बताया कि सागरपुर श्मशान की जमीन का स्थानीय चार लोगों द्वारा औने-पौने मूल्य पर दान देने वाले पूर्वजों के वंशजों से केवाला करा लिया गया। जिसका स्थानीय स्तर पर लगातार विरोध किया गया। इसके बाद भी जमीन के एक केवालदार द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पर शीघ्र ही रोक नहीं लगाई जाती है तो फिर से सड़क जाम आंदोलन किया जाएगा।



