
MADHUBANI: मरीजों को बेहतर सुविधा नही देने वाले अस्पताल संचालक हो जाए होशियार,नही तो डीएम करेंगे कार्रवाई-अनाधिकृत अस्पतालों की जांच के भी आदेश
मधुबनी-09 दिसंबर। जिलाधिकारी अमित कुमार की अध्यक्षता में नैदानिक स्थापन जिला पंजीकरण प्राधिकार मधुबनी की बैठक समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित हुई। जिले में आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन मधुबनी द्वारा जिले के अनाधिकृत चिकित्सालयों पर कठोर कार्रवाई जारी है। उक्त बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में अनाधिकृत चिकित्सालयों की जांच के लिए जिला स्तरीय धावा दल बनाकर त्वरित कार्रवाई की जाए। इस दल के द्वारा उनके पंजीकरण के साथ-साथ उनके भवन संरचना,बायो वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम,कर्मियों की नियुक्ति आदि पर भी सूक्ष्मता से जांच की जाएगी। इस कार्य में धावा दल के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी शामिल रहेंगे। बैठक में सिविल सर्जन द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जिले में कुल-23 मामलों में हर एक से पचास हजार रुपए की दर से दंड स्वरूप प्राप्त किया गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि इनमें से कोई पुनः इस प्रकार की गतिविधि में संलिप्त पाए जाते हैं,तो विभागीय आदेश के आलोक में उनसे ढ़ाई लाख रुपए दंड के रूप में लिए जाएं। इतना ही नहीं,अनाधिकृत चिकित्सालयों में जानबूझ कर कार्य करने वाले सहयोगियों व कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पचीस हजार रुपए दंड स्वरूप वसूल किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिले में यदि कोई चिकित्सा संस्थान पंजीकरण के लिए आवेदन करते हैं,तो उन्हें औपबंधिक रूप से अनुमति दी जाए। तथा अगले 45 दिनों में उनकी जांच कर यदि वे सभी मानकों को पूरा करते हैं,तो स्थाई रूप से पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने संबंधित प्रखंडों के अंतर्गत संचालित अनाधिकृत चिकित्सालयों की सूचना तत्काल जिला को प्रेषित करेंगे। बैठक में उप विकास आयुक्त विशाल राज,सिविल सर्जन सुनील कुमार झा,मुख्यालय एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मधुबनी के अध्यक्ष एन.के यादव उपस्थित थे।



