
MADHUBANI: शहर के महंतीलाल तालाब की जमीन पर पहले अतिक्रमण अब भू-माफियाओं की नजर
"लक्ष्य तक की 'पारंपरिक जल स्रोत से जल संरक्षण की सफर" अभियान
— नगर निगम क्षेत्र की तालाबों, सरोवर, कुआं की दशा को लेकर ‘लक्ष्य तक’ ने ‘पारंपरिक जल स्रोत से जल संरक्षण की सफर’ अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत प्रथम चरण में नगर निगम क्षेत्र की एक तालाब की प्रतिदिन पड़ताल होगी। उम्मीद है कि जल संरक्षण के दिशा में यह अभियान शासन-प्रशासन और आम लोगों के बीच की सार्थक कड़ी साबित होगी। ‘पारंपरिक जलस्त्रोत से जल संरक्षण की सफर’ अभियान के पांचवें दिन प्रस्तुत है नगर निगम क्षेत्र के महंतीलाल तालाब की पड़ताल। अभियान को लेकर निगम क्षेत्र की तालाब संबंधी जानकारी हमें वाटसएप पर उपलब्ध कराई जा सकती है। जिसे ‘लक्ष्य तक’ पर जगह दी जा सकती है
मधुबनी- 25 अप्रैल। अतिक्रमणकारियों और भू-माफियाओं के चंगुल में शहर का महंतीलाल तालाब दम तोड़ दिया है। करीब एक दशक से इस तालाब की खरीद-बिक्री की साजिश ने तालाब के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। अब तालाब में जल की जगह कचरा, जंगल-झाड़ नजर आता है। तालाब के चहुंओर करीब दो दर्जन से अधिक स्थानीय लोगों ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर रखा है। रहिका अंचल के सैरात सूची में शामिल खाता 120, खेसरा 1075, रकवा 1 बीघा 4 कट्ठा 6 धुर वाली इस तालाब पर भू-माफियाओं की नजर बनी है। कभी स्वच्छ जल से बड़ी संख्या में लोगों को प्रतिदिन शीतलता प्रदान करने वाला यह तालाब पिछले कई वर्षों से खुद प्यासा है। बरसात के दिनों में थोड़ी-बहुत तालाब की प्यास तो बुझती है, लेकिन इसके गर्भ में जलकुंभी का होना तालाब के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। अतिक्रमण के चलते इस तालाब की स्थिति दयनीय बन गई है। घनी आबादी के बीच इस तालाब की काफी अहमियत थी। लेकिन अतिक्रमण से यह तालाब लोगों के उपयोग से दूर होता चला गया।
तालाब के तीन ओर झुग्गी-झोपड़ी से लेकर अनेक बिल्डिंग नजर आ रहे हैं। सैरात सूची में शामिल इस तालाब को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने के दिशा में अबतक सिर्फ कागजी कार्रवाई ही होती रही है। रहिका अंचल कार्यालय की उदासीनता से इस तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने पर ग्रहण लगा रहा। सैरात सूची में शामिल होने के बाद भी अतिक्रमण के चलते तालाब मछली पालन के लायक नहीं रहा। बता दें कि नगर निगम क्षेत्र की अतिक्रमित सार्वजनिक तालाबों को जिलाधिकारी द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराने का सख्त निर्देश नगर आयुक्त को दिया गया है।



