
देश में नागरिकता दस्तावेजों पर भ्रम फैला रही केंद्र सरकार : धनेश्वर महतो
मधुबनी – 29 जून। भारतीय मित्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनेश्वर महतो ने कहा कि केंद्र सरकार की नागरिकता संबंधी प्रक्रिया देशवासियों में भ्रम फैला रहा है। यदि सरकार यह मानती है कि वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड और राशन कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं, तो इससे देश के करोड़ों नागरिकों के मन में भ्रम और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने प्रेस को संबोधित करते कहा कि वर्षों से विभिन्न सरकारी योजनाओं, चुनावी प्रक्रिया,बैंकिंग व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक कार्यों में इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग पहचान एवं सत्यापन के लिए किया जाता रहा है। ऐसे में यदि इन दस्तावेजों को नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता, तो सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि नागरिक अपनी भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के लिए किन दस्तावेजों की जरुरत होगी।
उन्होंने कहा कि देश के गरीब, मजदूर, किसान, बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पास अक्सर यही दस्तावेज उपलब्ध होते हैं। भविष्य में उनसे कोई अन्य प्रमाण मांगा जाता है, तो बड़ी संख्या में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नागरिकता संबंधी किसी भी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। लोगों के बीच फैली आशंकाओं को दूर करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। भारतीय लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे जिससे किसी भी नागरिक को अपनी पहचान या नागरिकता साबित करने के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच भ्रम की स्थिति समाप्त करने के लिए सरकार को आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारतीय नागरिकता के वैध और अंतिम प्रमाण कौन-कौन से दस्तावेज हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मित्र पार्टी आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आवश्यकता पड़ी तो इस मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को इस विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर आम जनता के हित में सार्थक पहल करना चाहिए। सरकार को ऐसा कोई भी कदम उठाने से पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना चाहिए, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो और नागरिकों के संवैधानिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहें। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार,महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष मीना देवी, प्रकोष्ठ अध्यक्ष अब्दुल अल्लाम,दिलीप महतो,मो. जावेद,जिलाध्यक्ष उमेश भंडारी सहित अन्य मौजूद थे।



