बिहार

नाट्य मंचन में मधुबनी के रंगकर्मियों का योगदान स्वर्णिम और ऐतिहासिक: पूर्व मंत्री

मधुबनी- 30 मई। स्थानीय नगर भवन में दो दिवसीय रंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन पूर्व मंत्री सह पूर्व विधायक समीर कुमार महासेठ,पद्मश्री शिवन पासवान, उपमेयर अमानुल्लाह खान,जिला परिषद अध्यक्ष बिन्दु गुलाब यादव द्वारा संयुक्त रुप से किया गया। महोत्सव को संबोधित करते हुए पूर्वमंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि नाटक के क्षेत्र में मधुबनी के रंगकर्मियों का योगदान स्वर्णिम और ऐतिहासिक रहा है। विशेषकर मैथिली रंगमंच को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में जिले के कलाकारों का अहम भूमिका रही है।

मधुबनी के प्रसिद्ध नाटककार और रंगकर्मी महेंद्र मलंगिया ने मैथिली नाट्य लेखन और निर्देशन में मील का पत्थर साबित होने वाले कार्य किए हैं। उन्होंने मैथिली लोक संस्कृति और समसामयिक विषयों को नाटकों के माध्यम से मंच तक पहुंचाया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि मधुबनी के रंगकर्मियों ने पारंपरिक मिथिला की कहानियों, लोक गाथाओं और समसामयिक सामाजिक मुद्दों को अपने नाटकों का मुख्य आधार बनाया है। मधुबनी में स्थानीय स्तर पर कई सक्रिय नाट्य संस्थाएं लगातार नाटकों का मंचन करती हैं। ‘मधुबनी रंग महोत्सव’ जैसे आयोजनों की शुरुआत से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।महोत्सव में महेन्द्र मलंगिया लिखित नाटक और लोकहित रंगपीठ द्वारा हर्षित आर्यन के निर्देशन में ‘लक्ष्मण रेखा खंडित’ नाटक की प्रस्तुति की गई। महोत्सव में मधुबनी में कला संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य करने वाले कलाकार, संस्था और संचालक को मधुबनी रंग सम्मान से सम्मानित किया गया।लोकहित रंगपीठ सेवा संस्थान के सचिव प्रो. महेन्द्र लाल कर्ण ने बताया कि मधुबनी रंग महोत्सव के पहले दिन 29 मई को रंगरेज मिथिला द्वारा ऋषि वशिष्ठ के निर्देशन में ‘पुस जाड़ कि माघ जाड़’ नाटक का मंचन किया गया।

महोत्सव में नाट्य और फिल्म क्षेत्र से जुड़े रंगकर्मी अनिल मिश्रा, रंजीत रॉय, रौशन कुमार, रमेश कुमार, पंचम प्रकाश, अभिषेक आकाश, सुजीत कुमार, अंजली कुमारी, लोक कलाकार रमेश मंडल, हर्षित आर्यन, राजनीति रंजन, जटाधर पासवान, रविशंकर मिश्र, विक्रांत कुमार, भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा के राष्ट्रीय सचिव इंद्रभूषण रमन बमबम, नाट्य एवं फिल्म के लेखक निर्देशक श्याम भास्कर, जानकी कैसेट से प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुनील झा, मिथिला चित्रकला के प्रति समर्पित डॉ. रानी झा, कौशिक कुमार झा, नितिन रावत और रूपा कुमारी को मधुबनी रंग सम्मान से सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं आयोजक संस्था की ओर से मधुबनी रंग सम्मान स्वरूप भेंट दी जाने वाली मिथिला की पहचान पान, मांछ और मखान से बनी मौलिक मिथिला पेंटिंग्स काफी आकर्षण का केंद्र बना रहा। पेंटिंग्स तैयार करने वालों में कलाकार रुपा कुमारी, पूजा कुमारी, अंजली कुमारी, नितिन रावत, स्टेट अवार्डी दिनेश पासवान शामिल है।

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