
अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड, 19.9 लीटर कोडीन सिरप बरामद, तीन गिरफ्तार
नेपाल,सऊदी अरब और यूएई की करेंसी भी बराम
मधुबनी- 13 जुलाई। भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मधुबनी पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप और तीन देश की करेंसी के साथ तीन शातिर तस्करों को दबोचा है। यह कार्रवाई ग्रामीण पुलिस अधीक्षक षिवम धाकड़ के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की है। उक्त जानकारी वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

उन्होने बताया कि लदनियां थाना पुलिस को रविवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बाइक पर भारी मात्रा में कोडीन सिरप लेकर ग्राम ठाढ़ी से कड़हरवा होते हुए गाढ़ा गांव की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कड़हरवा के पास घेराबंदी की। इसी दौरान सामने से आ रहा एक बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा, जिसे सशस्त्र बलों ने खदेड़कर कड़हरवा दरोगा चापी के पास दबोच लिया।
ब्रह्मदेव कुमार राम सबसे पहले पुलिस की गिरफ्त में आया। इसकी बाइक से 19 लीटर प्रतिबंधित कोडीन सिरप बरामद हुआ। पूछताछ में उसने कबूला कि वह खाजेडीह चौक स्थित बबलू मेडिकल हॉल से यह सिरप खरीदकर नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचता था। ब्रह्मदेव के बयान पर पुलिस ने खाजेडीह चौक पर स्थित बबलू मेडिकल हॉल में छापेमारी की। वहां से भागने की कोशिश कर रहे संचालक बब्लू कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया। दुकान से नौ बोतल कोडीन सिरप और 20 हजार रुपये नकद मिले। बब्लु ने बताया कि वह और उसका भाई दीपक चौधरी मिलकर यह धंधा चलाते हैं।
ब्रह्मदेव के मोबाइल की जांच से वित्तीय लेन-देन के स्क्रीनशॉट मिले। उसने बताया कि पिपराही निवासी शम्भू प्रसाद साह इस धंधे में मुख्य फाइनेंसर है, जो नेपाली करेंसी को भारतीय करेंसी में बदलता था। पुलिस ने पिपराही स्थित शम्भू की दुकान पर रेड कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से कोडीन युक्त सिरप 19.9 लीटर,नेपाली करेंसी 11,42,100,भारतीय करेंसी 5,33,101,नकली नेपाली नोट 750 रुपये,सऊदी अरब करेंसी छह रियाल,यूएई करेंसी पांच दिरहम,दो एंड्रॉइड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल बरामद हुआ। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस धंधे से अर्जित मुनाफे को ये लोग आपस में बांटते थे।
लदनियां थाना में सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के अन्य फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज का पता लगाने में जुटी है। जबकि गैर कानूनी तरीके से अर्जित धन को पुलिस जप्त करेंगे।



