
MADHUBANI:- चकदह गुलटेनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त के लिए रहिका अंचल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान
मधुबनी- 13 जुलाई। नगर निगम क्षेत्र में सैरात में शामिल गुलटेनी पोखर के अतिक्रमण को लेकर रहिका अंचल कार्यालय की उदासीनता से पोखर में कई साल से मछली उत्पादन प्रभावित होने लगा है। पोखर में शौचालय की गंदगी का बहाव और कचरा फेंकने से तालाब का पानी दूषित हो गया है। जिससे लोग इसमें स्नान करने से भी बचने लगे हैं। चकदह गुलटेनी पोखर की जमीन पर अतिक्रमण के सामने रहिका अंचल प्रशासन लाचार नजर आ रहा है। गुलटेनी पोखर की जमीन की अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है। पोखर के पश्चिमी, उत्तरी व दक्षिणी भिंडा पर 50 से अधिक लोगों ने अवैध रूप से पक्का घर-मकान बना लिया है। जिसपर अंचल प्रशासन की नजर नहीं पहुंच रही है।
तालाब संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि साल 2022 में न्यायालय अनुमंडल कार्यालय, सदर, द्वारा रहिका अंचल अधिकारी तथा नगर थानाध्यक्ष को इस गुलटेनी पोखर की अतिक्रमित जमीन को एक सप्ताह में खाली कराने का निर्देश दिया गया था। निर्देश में बताया गया कि अनुदेशक चकबन्दी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना द्वारा मुख्यमंत्री सविवालय से प्राप्त आवेदन में वर्णित तथ्यों का जांचकर अतिक्रमित भूमि को मुक्त करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन एक सप्ताह के अंदर समर्पित किया जाए, ताकि प्रतिवेदन अपर समाहर्ता, गधुबनी को भेजना सुनिश्चित किया जाए। इस निर्देश के चार साल गुजर जाने के बाद भी अतिक्रमण खाली नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के दिशा में गुलटेनी पोखर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना आवश्यक है।
सचिव सुधीर कुमार ने कहा कि गुलटेनी पोखर की जमीन से अतिक्रमण खाली कराने के लिए रहिका अंचल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरु किया जाएगा। अंचल प्रशासन पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने में टाल-मटोल रवैया अपना रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पोखर पर पूर्व में स्थानीय लोगों द्वारा छठ पूजा किया जाता रहा है। लेकिन अतिक्रमण के चलते छठ पूजा में भारी समस्या आने लगी। जिससे श्रद्धालु इस तालाब की जगह अन्य तालाबों पर छठ पूजा करते है।



