
MADHUBANI:- स्वास्थ्य विभाग के तुगलकी फरमान से आशा और आशा फैसिलिटेटर परेशान, किया प्रदर्शन
मधुबनी- 13 जुलाई। आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय संघ के सामान्य परिषद के निर्णय के आलोक में 13 जुलाई को समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व चिकित्सा संघ के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार झा, संयुक्त मंत्री चंदन कुमार एवं जिला उपाध्यक्ष सुशील प्रसाद यादव,जिला कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव,आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ, जिला शाखा के जिला मंत्री रेखा मिश्रा,मंजुली देवी,प्रमिला देवी,सोनी कुमारी,नसीमा खातून,मीनू झा,नीलम कुमारी,जिला मंत्री रमण प्रसाद सिंह,श्याम नारायण सिंह कर रहे थे। प्रदर्शन बाद सभा की गई। सभा की अध्यक्षता विनोद कुमार झा,सुशील प्रसाद यादव द्वारा संयुक्त रुप से की गई। सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विनोद कुमार झा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के तुगलकी फरमान एवं परेशान करने की नियत से हर आशा एवं आशा फैसिलिटेटर त्रस्त हैं।
सुशील प्रसाद यादव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को बेवजह तंग और भयादोहन किया जाता है। जिला स्तर पर ऐसे पदाधिकारी को संरक्षण प्राप्त है । प्रोत्साहन राशि लगभग 9 महीने से रुका हुआ है, पदाधिकारी भुगतान के प्रति उदासीन बने हुए हैं। राशि रहने पर भी भुगतान अवरूद्ध कर दिया गया हैं। जिला मंत्री रेखा मिश्रा ने बताया कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटर के कारण ही समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। सरकार आशा एवं आशा फैसिलिटेटर के प्रति नकारात्मक सोच रखती है।
आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को बिना कारण और तथ्यहीन आरोप लगाकर हटा दिया गया है। जिसपर जिला स्वास्थ्य समिति मौन है। रमण प्रसाद सिंह ने कहा कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सभी मिलकर तंग तबाह करते हैं। सरकार द्वारा इन्हें मजदूर का भी दर्जा नहीं दिया गया है। 26 साल बाद भी वेतन निर्धारित नहीं किया गया है। नारायण सिंह बाबा ने कहा कि समस्याओं के लिए लगातार संघर्ष की जरूरत है।प्रदर्शन बाद मांगपत्र को जिला प्रशासन को सौंपा गया।



