बिहार

BIHAR:- ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ की शुरुआत, मुख्यमंत्री ने 30 दिनों के भीतर शिकायतों के समाधान का दिया निर्देश

पटना- 14 जुलाई। बिहार सरकार ने आमजन की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण की दिशा में एक नई पहल करते हुए मंगलवार को ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने देशरत्न मार्ग से आवेदन प्राप्ति केंद्र तक बनाए गए ‘सहयोग पथ’ का भी लोकार्पण किया।

कार्यक्रम के पहले दिन आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए। इनमें 100 आवेदक स्वयं उपस्थित हुए, जिनकी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए संबंधित मामलों का निष्पादन किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आवेदन के निष्पादन में लापरवाही बरतने या सहयोग नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान जहानाबाद के एन.के. सिंह, मुजफ्फरपुर के राजीव कुमार, बेगूसराय की प्रतिमा कुमारी, शेखपुरा के प्रिंस कुमार, सीवान की अनिता देवी, अररिया की आरती देवी, भागलपुर के गौरव कुमार, पश्चिम चंपारण के शुभम कुमार तथा जहानाबाद की गुंजन कुमारी सहित कई लाभार्थियों ने अपनी समस्याओं के समाधान पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। जिन लोगों को अब भी अपने आवेदन के निर्णय पर आपत्ति है, उनके लिए राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम की व्यवस्था की गई है, ताकि उनके मामलों की पुनः समीक्षा कर न्यायसंगत निर्णय लिया जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘मुख्यमंत्री सोलर योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यदि उपभोक्ता 126 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त उत्पादन का आर्थिक लाभ भी मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। साथ ही दूरस्थ और दुर्गम गांवों को सोलर विलेज के रूप में विकसित कर बिजली की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लंबित पेंशन मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश देते हुए कहा कि जिन पात्र लाभार्थियों को अब तक पेंशन नहीं मिली है या जिनके आवेदन लंबित हैं, उन्हें अगले माह की 10 तारीख तक पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी हो तो उसे सीधे अस्वीकृत न किया जाए, बल्कि संबंधित आवेदक को नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी कारणों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि वर्षा समाप्त होने के बाद नई सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही सभी पदाधिकारी आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करें तथा उनकी शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सहयोग शिविरों के माध्यम से 30 दिनों के भीतर लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। यदि कोई आवेदन मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचता है, तो इसका अर्थ है कि निचले स्तर पर उसका उचित निस्तारण नहीं हुआ। इसलिए अंचल अधिकारी (सीओ) और प्रखण्ड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) स्तर पर किए गए कार्यों की अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) , भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर), जिलाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त तथा संबंधित विभागों के सचिव नियमित समीक्षा करें।

उन्होंने बताया कि सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 90 प्रतिशत मामलों का समाधान किया जा चुका है। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि जनता तभी संतुष्ट होगी, जब उसकी शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान होगा। यही सहयोग कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आम जनता का सरकार पर विश्वास और मजबूत होगा तथा अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव उपस्थित रहे। वहीं राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

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