
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल हुई जनहित याचिका
प्रयागराज-08 दिसम्बर। सनातन धर्म अपनाने वाले शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। उन पर आरोप लगाया गया है कि पैगम्बर मोहम्मद और पवित्र ग्रन्थ कुरआन पर अभद्र टिप्पणी की है। इतना ही नहीं इनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
यह जानकारी देते हुए हाईकोर्ट की अधिवक्ता सहेर रिजवी ने बुधवार को बताया कि ख्वाजा गरीब नवाब एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद युसुफ अंसारी याचीकर्ता है। उनका कहना है कि वसीम रिजवी ने एक किताब लिखी है, जिसमें पैगम्बर मोहम्मद पर अभद्र टिप्पणी की गई है। इतना नहीं उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमें दर्ज है। सबसे पहले वसीम रिजवी की बयानबाजी को बन्द किया जाये। इनके विवादित बयान से वर्तमान में सबसे शांत उत्तर प्रदेश में दंगा भड़क सकता है। प्रदेश सरकार से मांग है की इनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमें है, उनकी जांच करके इन्हें जेल भेजना चाहिए।
प्रदेश में जब से योगी सरकार आई है, उसके बाद से प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ है। लेकिन वसीम रिजवी हिन्दू और मुसलमान के सौहार्द को बिगाड़ने का काम कर रहें है। इनके बयान से प्रदेश में अशांति हो सकती है। किसी भी धर्म पर अभद्र टिप्पणी करना ठीक नहीं है। वसीम रिजवी के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका आज दायर की गई है। अब इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।



