
प्रभारी मंत्री लेसी सिंह ने मधुबनी में की समीक्षा बैठक, कहा- संभावित बाढ़ सुखाड़ के प्रभाव को कम करने को लेकर सरकार दृढ़ संकल्पित
मधुबनी-24 जुलाई। मंत्री खाध एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सह प्रभारी मंत्री मधुबनी जिला श्रीमती लेशी सिंह ने डीआरडीए सभागार में बैठक कर संभावित बाढ़ सुखाड़ की पूर्व तैयारियों,जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं जिला कार्यान्वयन समिति की बैठक कर विस्तृत समीक्षा किया। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ सुखाड़ के प्रभाव को कम से कम करने को लेकर सरकार दृढ़ संकल्पित है और पूरी गंभीरता के साथ प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बाढ़ सुखाड़ जैसी आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर पूरी सहजता के साथ ससमय पीड़ितों को राहत उपलब्ध इसको लेकर पूरी गंभीरता के साथ लगातार प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा की पूरी सहजता एवं तेजी के साथ सभी पात्र किसानों के खाते में डीजल अनुदान की राशि उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाढ सुखाड़ दोनों ही स्थितियो के आलोक में वैकल्पिक फसल योजना के लिए पूरी तयारीबकर ले ।इसके पूर्व जिलाधिकारी,अरविन्द कुमार वर्मा ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जिले में अबतक की गई संभावित बाढ़ सुखाड़ की पूर्व तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मधुबनी जिला पारंपरिक रूप से आपदा के प्रति संवेदनशील जिला रहा है लगभग 18 नदियों और उसकी सहायक नदियां जिले से गुजरती हैं। उन्होंने बताया कि जिले की महत्वपूर्ण नदियों के जलस्तर प्रतिदिन प्रति तीन घण्टे पर ली जा रही है। उन्होंने कहा कि मई माह में सामान्य से 33 प्रतिशत, जून माह में सामान्य से 73 प्रतिशत एवं जुलाई माह में अबतक 22 प्रतिशत वर्षा कम हुई है। प्रभारी मंत्री ने कार्यपालक अभियंता विधुत को निर्देश दिया कि किसानों को सिंचाई हेतु कृषि फीडर से निर्धारित अवधी तक निर्बाध विधुत आपूर्ति सुनिश्चित करें। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि नहरों के अंतिम टेल तक पानी पहुचाये, ताकि किसानों को रोपनी के लिए सिंचाई की दिक्कत नही हो। जिलाधिकारी ने बाढ़ पूर्व तैयारियों के आलोक में बताया कि सभी 43 सलुइस गेट की जाँच कर ली गई है, जो सभी कार्यशील हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कुल 10 योजनाओं में से 9 योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। शेष के एक का कार्य अंतिम चरण में हैं। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि अपूर्ण योजनाओं को बाढ़ से पूर्व हर हाल में पूर्ण करवा लें। जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक कुल 8930 पुल-पुलियो के भेंट की सफाई कर ली गई है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त कुल 28 सड़को में 25 की मरम्मत करवा ली गई है, शेष तीन में जलजमाव हटते ही मरम्मति करवा ली जाएगी। प्रभारी मंत्री ने संबधित अभियंता को निर्देश दिया कि आज ही बैठक के बाद स्वयं क्षतिग्रस्त सड़को का स्थल जांच कर तुरंत मरम्मति की करवाई सुनिश्चित करें। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा विभागीय निर्देश के आलोक में प्रभावित कृषकों को कृषि इनपुट सब्सिडी का भुगतान कर दिया गया है एवं आकस्मिक फसल योजना बनाई गई है। धान के बिचड़े का आच्छादन, धान की रोपनी एवं वैकल्पिक फसल जैसे अरहर, तुरिया, उड़द, कुर्थी के फसल लगाने हेतु आकस्मिक फसल योजना की तैयारी कर ली गई है। बीज की आवश्यकता का आकलन कर कृषि विभाग को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।



