बिहार

मिथिला में 16 मई को मनाई जाएगी लोक आस्था का पर्व वट सावित्री, वट वृक्ष में ब्रह्मा,विष्णु और महेश का होता वास

मधुबनी- 12 मई। मिथिला में लोक आस्था का पर्व वट सावित्री इस साल 16 मई को मनाई जाएगी। आदर्श नारीत्व का प्रतीक वट सावित्री पर्व ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्यवती रहने की मंगलकामना के साथ वट (बड़, बरगद) का पूजन करती है। वट सावित्री व्रत की धार्मिक महत्ता की जानकारी देते हुए पं. ऋषिनाथ झा ने बताया कि स्कंद पुराण एवं भविष्योत्तर पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को यह व्रत करने का विधान है, वहीं निर्णयामृत आदि के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को व्रत करने की बात कही गई है। पुराणों के अनुसार वट में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास है।

मान्यता है कि इसके नीचे बैठकर पूजा करने, कथा सुनने और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती है। यह व्रत सौभाग्य को देने वाला और संतान की प्राप्ति में सहायक माना जाता है। वट सावित्री व्रत में वट वृक्ष की पूजा का खास महत्व बताया गया है। महिलाएं इस दिन वट वृक्ष पर सूत लपेटकर परिक्रमा करती हैं। पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी जाती है। पूजा बाद महिलाएं परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लेती हैं। श्रद्धा से किया गया वट सावित्री व्रत वैवाहिक जीवन में सुख और स्थिरता बनाए रखने वाला माना जाता है।

उन्होंने बताया कि व्रत ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। माता सावित्री ने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लेकर अपने अटूट प्रेम और संकल्प का परिचय दिया था। तभी से महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। तिथि का समापन 17 मई को रात 1 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदय तिथि को देखते हुए वट सावित्री व्रत 16 मई 2026, शनिवार को रखा जाएगा। वट सावित्री पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:07 बजे से 4:48 बजे तक,

विजय मुहूर्त दोपहर 2:04 बजे से 3:28 बजे तक तथा गोधूलि मुहूर्त शाम 7:04 बजे से 7:25 बजे तक माना गया है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button