
MADHUBANI: शिव शक्ति महायज्ञ में 6.25 लाख महामृत्युंजय मंत्र का होगा जप, तर्पण, मार्जन और दशांश हवन
मधुबनी – 11 मई। रहिका प्रखंड के प्रसिद्ध कपिलेश्वर स्थान परिसर में 19 जून से 27 जून तक प्रस्तावित शिव शक्ति महायज्ञ में महामृत्युंजय मंत्र का 6.25 लाख बार जप, तर्पण, मार्जन और दशांश हवन किया जाएगा। इसकी जानकरी देते हुए यज्ञ ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट के शरत चंद्र मिश्र ने बताया कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सर्वोच्च उपाय महामृत्युंजय अनुष्ठान होता है। शिव शक्ति महायज्ञ मे यह अत्यंत शक्तिशाली अनुष्ठान होगा। जिसे महामृत्युंजय पुरश्चरण कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि महामृत्युंजय अनुष्ठान अकाल मृत्यु के भय को नष्ट करती है। प्राण रक्षा करती है। यह असाध्य रोगों को दूर करने और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से उबरने में मदद करती है। जिससे शरीर स्वस्थ और पुष्ट होता है। यह मंत्र जातक को आत्मबल, मानसिक शांति और दृढ़ता प्रदान करता है, जिससे जीवन के संकटों से लड़ने की शक्ति मिलती है। यह साधना नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर, प्रेत बाधा और पिछले जन्मों के पापों को नष्ट करती है। मारकेश (मृत्यु तुल्य कष्ट देने वाले ग्रह) की दशा, कालसर्प दोष, नाड़ी दोष और कुंडली के अन्य दोषों के अशुभ प्रभावों को कम करता है।
उन्होंने बताया कि जातक के घर और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। सुरक्षा कवच का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि महायज्ञ को लेकर 14 मई को कपिलेश्वर स्थान परिसर में ध्वजा स्थापन अनुष्ठान किया जाएगा। महायज्ञ में कामरूप कामख्या के साधक आचार्य नीरज जी महाराज, कथा वाचिका साध्वी मीरा किशोरी शामिल होंगे। मुख्य यजमान आचार्य सुधांशु शेखर मिश्र होंगें। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन, पूजन, अभिषेक एवं पार्थिव शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। शिव महापुराण कथा का वाचन कथा वाचिका साध्वी मीरा किशोरी द्वारा किया जाएगा। आयोजन मंडल के संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि शिव शक्ति महायज्ञ को लेकर श्रद्घालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है।



