
शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिसिया कार्रवाई से सामने आई सम्राट सरकार की अराजकता: ब्रह्मानंद
मधुबनी- 09 मई। रहिका सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष सह राजद के वरीय नेता ब्रह्मानंद यादव ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई) 4.0 की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर पटना की सड़कों पर पुलिसिया कार्रवाई सम्राट सरकार की कार्यशैली को उजागर कर रही है। शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठी चार्ज शासन-प्रशासन की अराजकता सामने आई है। घटना की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषी पुलिस बलों पर कार्रवाई किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर सम्राट सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना निंदनीय है। लोकतंत्र में किसी को भी अपनी जायज मांगों को रखने का अधिकार है। शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से अधिसूचना जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनकी आवाज सुनने के बजाय उनपर बल प्रयोग करना संवाद की भावना के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि बिहार में चौथे चरण की शिक्षक बहाली टीआरई 4 को लेकर इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों का धैर्य अब टूट गया है। दो वर्षों से अधिक समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। पहले चौथे चरण की वैकेंसी के नाम पर शिक्षा विभाग ने लंबे समय तक गुमराह किया।। 46, 882 पदों पर भर्ती होना है। गौरतलब है माध्यमिक स्कूलों में 9,082, उच्च माध्यमिक में 16,774 प्राथमिक में 10, 778 और मध्य विद्यालय में 8, 583 समेत अन्य विभागों में बहाली होना है। लेकिन विधान द्वारा विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।



