बिहार

बिहार कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों को दी गई मंजूरी, पांच जिलों में बनेंगे नए एयरपोर्ट

स्व. रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनेगी- स्व. कैलाशपति मिश्र की जयंती पर हर साल 5 अक्टूबर को राजकीय समारोह

पटना- 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार शाम पुराने संचिवालय में संपन्न मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर सहमति जतायी गयी।

कैबिनेट की बैठक में केंद्र प्रायोजित योजना के तहत प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदया योजना के आदर्श ग्राम योजना के 634.41 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। भीम बांध क्षेत्र में इको टूरिज्म के समग्र विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से कराई जाने की स्वीकृति दी गई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनाये जाने की स्वीकृति दी गई है। गुजरात एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल तथा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की जयंती प्रत्येक वर्ष 5 अक्टूबर को आईसीएआर में राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाने की स्वीकृति दी गई है।

दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के पास लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हवाई निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए करीब 225 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। नागर विमानन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जुलाई 2026 में अधिसूचित क्षेत्रीय संपर्क योजना संशोधित उड़ान संस्करण 6.1 के अंतर्गत चैलेंज मोड में राजकीय हवाई अड्डा एवं हेली पोर्टो के नामांकन के लिए राज्य सरकार की दायित्व से संबंधित संकल्प प्रारूप की स्वीकृति दी गई है।

मुंगेर जिला अंतर्गत हवेली खड़गपुर एवं टेटिया बंपर प्रखंड के अंतर्गत 14 पंचायत और 177 वार्ड में पेयजल आपूर्ति के लिए 279.51 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वैशाली जिला अंतर्गत महुआ चेहरा कला प्रखंड के कुल 36 पंचायत के 493 वार्ड में पेयजल आपूर्ति को लेकर 506.71 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड में उप केंद्र का निर्माण एवं 220 केबी एवं 132 के वी संचरण लाइन के निर्माण के लिए 575.36 करोड़ रुपये की नई योजना की स्वीकृति दी गई है।

वर्ष 2027 के लिए बिहार सरकार के कार्यालय में अवकाश और नेगोशिएबूल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत बिहार राज्य में अवकाश की घोषणा हुई है। कैबिनेट में मुहर लगी है। राजकीय श्री धन्वंतरी आयुर्वैदिक महाविद्यालय सह चिकित्सालय बक्सर में सह प्राध्यापक एवं प्राध्यापक के कुल तीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। बिहार सूचना प्रविधि की अवर सेवा नियमावली 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई है।

बिहार में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए प्रदेश के पांच जिलों में हवाई अड्डों और नौ आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट का निर्माण होगा। इनमें किशनगंज, छपरा, बेगूसराय, अररिया और गोपालगंज में बनेंगे एयरपोर्ट।
वहीं औरंगाबाद,बांका,जमुई, कटिहार,खगड़िया,नवादा, शेखपुरा,बेगूसराय और सीतामढ़ी में हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे।

राज्य सरकार ने वर्ष 2027 के लिए सरकारी कार्यालयों और सभी राजस्व दंडाधिकारी न्यायालयों में अवकाश की व्यवस्था निर्धारित की है। कार्यपालक आदेश के तहत कुल 12 दिनों का अवकाश रहेगा। इनमें तीन अवकाश रविवार को पड़ रहे हैं। इसके अलावा, प्रतिबंधित या ऐच्छिक अवकाश के रूप में कुल 22 दिन निर्धारित किए गए हैं। निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत कुल 24 दिनों का अवकाश घोषित किया गया है। इनमें भी दो अवकाश रविवार को पड़ रहे हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का भी जिला और क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार किया जाएगा।

इसके लिए बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अवर सेवा नियमावली के तहत व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रमंडल, जिला और प्रखंड स्तर पर तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के साथ सरकारी आईटी परियोजनाओं को लागू करने, उनकी निगरानी और विभागों के बीच समन्वय का काम किया जाएगा।

लोकतंत्र की जननी के नाम से विख्यात और बौद्ध एवं जैन धर्मावलंबियों के तीर्थस्थल वैशाली में पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर आवासन उपलब्ध कराने के लिए पांच सितारा रिसॉर्ट बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इसके निर्माण के लिए पहले जारी संकल्प में संशोधन की स्वीकृति दी है। यह परियोजना जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से पूरी की जाएगी। विभाग ने 27 अगस्त 2025 को जारी संकल्प में पांच एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल बनाने का निर्णय लिया था। अब विभाग ने 10 एकड़ अधिग्रहित जमीन पर पांच सितारा रिसॉर्ट के निर्माण को बेहतर विकल्प माना है।

बिहार के 3021 अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 634.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत राशि खर्च करने और योजना लागू करने की स्वीकृति दी है। इन गांवों में अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक और कुल आबादी कम से कम 500 होनी चाहिए। योजना के तहत पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को मिलाकर काम किया जाएगा। यह शत-प्रतिशत केंद्र प्रायोजित योजना है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!