
BIHAR:- मधुबनी में दवाओं की मांग पर अब तीन स्तरों पर होगी जांच, 90 दिन का बफर स्टॉक अनिवार्य
मधुबनी- 12 अक्टूबर। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। राज्य स्वास्थ्य समिति और बीएमएसआईसीएल के निर्देश पर प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर इंडेंट रिव्यू एंड कन्फर्मेशन कमेटी का गठन किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत अस्पताल केवल पिछली खपत के आधार पर दवाओं की मांग नहीं भेज सकेंगे। इंडेंट तैयार करते समय वास्तविक मरीजों की संख्या, मौसमी बीमारियों, उपलब्ध स्टॉक और आगामी जरूरतों को आधार बनाना होगा। समितियां हर महीने मांग का भौतिक सत्यापन करेंगी, ताकि 90 दिनों का बफर स्टॉक बना रहे।
अस्पतालों में तय संख्या में रखनी होंगी दवाएं—
निर्देश के अनुसार आवश्यक औषधि सूची के तहत सदर अस्पताल में 427 प्रकार, अनुमंडलीय अस्पताल में 296, सीएचसी में 293 और पीएचसी में 279 प्रकार की दवाएं रखना अनिवार्य है। कमी होने पर मुख्यालय से आपूर्ति की जाएगी। असामान्य या त्रुटिपूर्ण मांग भेजने पर संबंधित प्रखंड और जिला स्तरीय समिति की जिम्मेदारी तय होगी। इससे दवाओं की कमी, अधिक स्टॉक और एक्सपायरी से होने वाले नुकसान पर रोक लगेगी।
हर महीने तीन स्तरों पर समीक्षा—
प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अध्यक्ष, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सदस्य सचिव, तथा एमएंडई सहायक और फार्मासिस्ट सदस्य होंगे। यह समिति हर माह 1 से 10 तारीख के बीच इंडेंट का सत्यापन करेगी। फार्मासिस्ट डीवीडीएमएस पोर्टल पर मांग दर्ज करेंगे, जिसे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुमोदित करेंगे।
जिला स्तर पर सिविल सर्जन अध्यक्ष और डीपीएम सदस्य सचिव होंगे। जिला स्टोर प्रभारी, डीएमएंडईओ और फार्मासिस्ट सदस्य रहेंगे। यह समिति 11 से 15 तारीख के बीच प्रखंडों की मांगों की जांच और संकलन करेगी। राज्य स्तरीय समिति 15 से 20 तारीख के बीच सैंपल आधार पर गुणवत्ता की जांच करेगी। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 20-25 प्रतिशत से अधिक मांग बढ़ने पर विशेष समीक्षा की जाएगी। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।



