
शारदीय नवरात्र पर माता का हाथी पर आगमन और हाथी पर ही प्रस्थान, समृद्धि और शांति का संकेत
मधुबनी- 06 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र में इस वर्ष देवी भागवत और कालिका पुराण के अनुसार माता का आगमन हाथी पर हो रहा है। “शशि सूर्य गजरूढ़ा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता॥” शास्त्र के अनुसार यदि नवरात्र का प्रारंभ सोमवार या रविवार को हो तो माता का आगमन हाथी पर होता है। इस बार शारदीय नवरात्र का कलश स्थापना रविवार को होने से माता हाथी पर सवार होकर आएंगी।
हाथी पर आगमन का क्या फल है?
वास्तु आचार्य व हस्तरेखा विशेषज्ञ महिमा कुमारी के अनुसार हाथी को ज्ञान, समृद्धि और वर्षा का प्रतीक माना जाता है। देवी का हाथी पर आगमन अति शुभ है। इसका अर्थ है कि देश में अच्छी वर्षा और फसल भरपूर होगी। सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। शत्रुओं पर विजय और मनोकामना सिद्धि होगी।
हाथी पर ही होगा प्रस्थान—
महिमा कुमारी ने बताया कि इस बार विजयादशमी भी विशेष योग में पड़ने से माता का प्रस्थान भी हाथी पर ही होगा, जो अत्यंत दुर्लभ संयोग है। हाथी पर प्रस्थान भी शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि हाथी पर आगमन-प्रस्थान साधकों के लिए सिद्धिदायक है। इस नवरात्र में की गई पूजा, उपासना और मंत्र जाप का फल कई गुना अधिक मिलेगा।भक्तों को चाहिए कि इस नवरात्र में हाथी को अर्घ्य और गज-पूजन अवश्य करें।



