
MADHUBANI:- शहर में चाकूबाजी की दो घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ाई, उधारी में सिगरेट नही देने पर दुकानदार को चाकू से किया जख्मी
मधुबनी- 03 अक्टूबर। नगर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग इलाकों में चाकूबाजी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनाओं का मुख्य कारण उधारी सिगरेट और सूखे नशे से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। पहली घटना शुक्रवार रात गांधी चौक के समीप घटी। जहां उधारी में सिगरेट देने से इनकार करने पर दुकानदार अजय नायक को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना का आरोप स्थानीय निवासी शिवम ठाकुर पर लगा है। घायल की मां के अनुसार, आरोपी नशे की हालत में दुकान पर पहुंचा था और उधारी सिगरेट मांग रहा था। इनकार करने पर उसने अजय के पेट में चाकू घोंप दिया और दुकान में तोड़फोड़ की।जिससे करीब 50 हजार रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ।
घायल को पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से स्थिति नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने डीएमसीएच रेफर कर दिया। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी शिवम ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले के दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अभी इस घटना का खौफ कम भी नहीं हुआ था कि शनिवार शाम चार बजे बिजली कार्यालय के पीछे दूसरी वारदात हो गई। सूखे नशे को लेकर हुए विवाद में 18 वर्षीय मोहम्मद इमरान के पेट में चाकू घोंप दिया गया। आरोप मोहम्मद फारूक के पुत्र मोहम्मद हसन उर्फ छोटू पर लगा है। स्थानीय लोगों की मदद से घायल इमरान को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोकल लोगों ने बताया कि आरोपी छोटू नशे का आदी है और एक सप्ताह पूर्व भी उसने इमरान के भाई पर चाकू से हमला किया था। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस दूसरी घटना की लिखित शिकायत नगर थाना पुलिस को नहीं दी गई थी।
नगर थाना क्षेत्र में एक ही हफ्ते में दो चाकूबाजी की घटनाओं से आम जनता में आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि शहर में बढ़ते अपराध की मुख्य वजह सूखे नशे का कारोबार है। निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री करने वाले दुकानदारों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि शहर की फिजा को बिगड़ने से बचाया जा सके।



