विश्व

नेपाल में DNA से 1,230 शवों की हुई पहचान, बाढ़ के 19 दिन बाद भी हजारों लोग लापता

काठमांडू- 14 सितंबर। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के 18 दिन बाद भी हजारों लोग लापता हैं। लंबे समय से अपनों का इंतजार कर रहे परिवारों को अब तक न तो उनके जिंदा होने की खबर मिली है और न ही शव का पता चल पाया है। बाढ़ में मिले ज्यादातर शवों की हालत इतनी खराब है कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अब लापता लोगों के परिवारों के लिए डीएनए जांच ही आखिरी उम्मीद बन गई है।

सोमवार सुबह 10 बजे तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1,388 शव बरामद किए जा चुके थे। इनमें से केवल 103 शवों की पहचान हो पाई है और उन्हें उनके परिजनों को सौंपा गया है। वहीं, पहचान नहीं हो पाने वाले 1,285 शवों को दफना दिया गया है।

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अविनारायण काफ्ले के मुताबिक, शवों की पहचान में मदद के लिए पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर 1,334 शवों की तस्वीरें अपलोड की हैं। इससे पहले भी कुछ परिवारों ने वेबसाइट पर तस्वीरें देखकर अपने परिजनों के शव की पहचान की थी।

बाढ़ के बाद 5 हजार से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी है। जिन परिवारों को अब तक अपनों का कोई सुराग नहीं मिला है, वे डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, डीएनए मिलान के लिए अब तक 1,779 परिजनों के रक्त के नमूने लिए जा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

पहचान नहीं हो पाने वाले शवों को फिलहाल जमीन में दफनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, डीएनए मैच होने पर दफनाए गए शवों को निकालकर संबंधित परिवार को सौंपने की तैयारी की जाएगी।

लंबे इंतजार के बाद कुछ परिवारों ने अपने परिजनों के जिंदा मिलने की उम्मीद छोड़ दी है। उन्होंने कुश का शव बनाकर अंतिम संस्कार तक कर दिया है। हालांकि, कई परिवार ऐसे भी हैं जो डीएनए जांच के बाद अपने परिजन का शव मिलने का इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद ही अंतिम संस्कार करना चाहते हैं।

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता काफ्ले के अनुसार, अब तक करीब 400 शवों की डीएनए रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। शवों से नमूने लेकर काठमांडू के सामाखुशी स्थित नेपाल पुलिस की विधि विज्ञान प्रयोगशाला, राष्ट्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला और नेपाल विज्ञान तथा प्रविधि प्रज्ञा-प्रतिष्ठान (एनएएसटी) की प्रयोगशाला में डीएनए जांच की जा रही है।

राष्ट्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रमुख और डीएनए विशेषज्ञ निराजन थापा के मुताबिक, मौजूदा क्षमता के हिसाब से सभी शवों की डीएनए जांच पूरी करने में करीब ढाई महीने तक का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि अभी करीब 1,200 से 1,300 शवों की डीएनए जांच की जानी है। एनएएसटी और राष्ट्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला मिलकर हर सप्ताह करीब 250 शवों और 400 परिजनों के रक्त नमूनों की जांच कर रहे हैं। हालांकि, कुछ शवों के डीएनए परिणाम स्पष्ट नहीं आने पर दोबारा अलग प्रक्रिया से जांच करनी पड़ती है।

थापा के मुताबिक, जांच पूरी होने में कितना समय लगेगा, यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि आने वाले दिनों में कितने अतिरिक्त उपकरण उपलब्ध होते हैं और वे कितनी प्रभावी तरीके से काम करते हैं।

नेपाल में डीएनए जांच के लिए सीमित संख्या में उपकरण होने के कारण विभिन्न देशों ने भी मदद की है। दक्षिण कोरिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार डीएनए उपकरण पुलिस की प्रयोगशाला में काम करना शुरू कर चुके हैं। हालांकि, अन्य उपकरणों को अभी स्थापित किया जाना बाकी है।

इससे पहले चीन ने तीन उपकरण नेपाल की राष्ट्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला को दिए थे। लेकिन इन उपकरणों का शवों की डीएनए जांच में इस्तेमाल नहीं हो सका। इनके काम नहीं करने के बाद चीनी विशेषज्ञों की टीम ने नए उपकरण मंगाए हैं, लेकिन वे उपकरण अभी नेपाल नहीं पहुंचे हैं।

ऐसे में बाढ़ में बरामद शवों की पहचान और हजारों लापता लोगों के परिवारों को जवाब देने की पूरी प्रक्रिया अब डीएनए जांच की क्षमता और उपलब्ध उपकरणों पर निर्भर होती जा रही है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!