
नीतीश के शराबबंदी पर मांझी ने उठाया सवाल,कहा-दवा के रूप में शराब का सेवन हानिकारक नहीं
पटना- 09 दिसंबर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए नित नए फैसले ले रहे हैं तो वहीं सरकार की सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने एकबार फिर शराबबंदी पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून की फिर से समीक्षा होनी चाहिए। शराबबंदी को लेकर शुरू से ही हमारा नीतीश कुमार से मतभेद रहा है। जीतन राम मांझी ने यह भी कहा कि हमने शुरू से कहा है कि अगर दवा के रूप में शराब का सेवन किया जाए तो वो हानिकारक नहीं, बल्कि फायदेमंद है। आज शराबबंदी को सफल बनाने के लिए प्रशासन जरूरत से ज्यादा तत्पर है। किसी भी चीज की अत्ति खराब होती है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने आगे कहा कि हमने शुरुआती दौर से ही कहा है कि शराबबंदी कानून से जिस पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है वो गरीब तबके के लोग हैं या जो छोटे-छोटे धंधा करते हैं, लेकिन जो बड़े खिलाड़ी है वे पकड़ के बाहर रहते हैं। ऐसे में मेरी अपील है कि छोटी मछली को नहीं, बल्कि बड़ी मछली को पकड़ें। जीतन राम मांझी ने कहा कि शराब का सेवन रोकना है तो लोगों में जागरूकता फैलाएं। जब तक जागरूकता नहीं फैलेगा तब तक शराबबंदी सफल नहीं हो सकती है, क्योंकि कानून कितना भी बना लीजिए, कड़ाई कर लिजिए, जो लोग शराब के आदी हो चुके हैं, वो तो शराब पीएंगे ही, चाहे कुछ भी कर लीजिए। जीतन राम मांझी ने कहा कि गुजरात में भी तो शराबबंदी है, लेकिन उनके अपने नियम कानून हैं। इसलिए अपील है कि नीतीश कुमार बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा करें। पुलिस शराब के पीछे ही लगी हुई है, लेकिन कई और मुद्दे हैं। शराबबंदी को ही प्राथमिकता बना देना जरूरी नहीं है।



