
अपनी सादगी पसंद राजनीति से राज्यसभा सदस्यों का दिल जीतेंगे डा. फैयाज
शिक्षा के क्षेत्र में अपना परचम लहराने वाले सादगी पसंद राजनीति से चर्चित चेहरा डा. फैयाज अहमद अब मधुबनी सहित बिहार के जमीन से जूड़े मुद्दों को राज्यसभा में उठाते नजर आएंगे। जिन्होने एक छोटे शहर मधुबनी को शिक्षा के क्षेत्र का हब बनाया,बल्कि मधुबनी वासियों को रोजगार से जोड़ने का भी काम किया। इसके साथ ही अपने राजनीति का सफर बिस्फी विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2005 में शुरू किया। परंतू उन्हे चुनाव में कामयाबी नही मिली। जिसके बाद वे बिस्फी विधानसभा की जनता से जूड़े रहे। तथा वर्ष 2010 में राजद के टिकट पर बिस्फी विधानसभा चूनाव लड़े। जिसमें उन्हे बड़ी कामयाबी मिली। उन्होने कामयाबी मिलने के बाद बिस्फी विधानसभा में लगातार विकसित कार्य को अंजाम देते रहे। यहीं कारण रहा कि वर्ष 2015 के विधानसभ चुनाव में मोदी लहर रहने के बावजूद वोटों के बड़े अंतर से दोबारा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। डा. फैयाज अहमद एक ऐसे नेता है, जिन के पास कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह मदद के लिए पहुंचा हुआ हो, वह कभी वापस नही लौटता, वे किसी भी र्धम या जाति के ही क्यों न हो। यही कारण है कि डा. फैयाज अहमद अपनी सादगी पसंद राजनीति से मधुबनी जिला ही नही,बल्कि राज्य में चर्चित हैं। डा.फैयाज भेले ही राजद नेता हैं, परंतू उनसे हर राजनीति दलों के नेताओं के साथ बेहतर संबंध रहा है। इसी बेहतर संबंध के कारण राजद से उन्हे राज्यसभा भेजने का काम किया है।

राजद पार्टी में राज्यसभा के लिए डा. फैयाज अहमद का नाम नामित किया गया, जिसका किसी भी नेताओं ने विरोध नही किया। जिसका कारण उनकी सादगी पंसद राजनीति रही है। जबकि किसी अन्य पार्टी में अगर कोई नेता को नामित किया जाता है, तो कहीं न कहीं विरोध देखने को मिलता है। परंतू राजद में डा. फैयाज अहमद अपने बेहतर संबंध के कारण काफी चर्चित हैं। अब राज्यसभा में अपनी सादगी पसंद राजनीति से राज्यसभा के सदस्यों को डा. फैयाज अहमद काफी प्रभावित करते हुए बिहार सहित देश के मौजुदा हालत के मुद्दों को उठाते नजर आएंगे। नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य डा. फैयाज अहमद से मधुबनी ही नही,बल्कि पुरे बिहार की जनता को बेहतर विकास की उम्मीदें हैं।
विशेष रिपोर्ट- आकिल हुसैन।



