
ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करेगा स्वर्णिम मिथिला संस्थान: डा. आरके झा
मधुबनी- 02 मई। स्वर्णिम मिथिला संस्थान के ट्रस्टी डा. आरके झा ने कहा कि ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए इसके विशेषज्ञों की टीम के साथ प्रत्येक रविवार को शहर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ताकि लोगों में जागरुकता आएगी। साइबर ठग पढ़े-लिखे लोगों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है। जिले में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह देश भर में बढ़ती साइबर अपराध का एक हिस्सा है। डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन स्कैम के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। ठगी करने वालों का गिरोह ऑनलाइन काम और रातों-रात अमीर बनने का झांसा देकर युवाओं को फंसाया जा रहा है। साइबर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता ही बचाव का सबसे बेहतर और सटिक उपाय है।
साइबर ठगी से बचने के तरीके बताते हुए डा. झा ने कहा कि साइबर अपराधियों की धर-पकड़ आसान नहीं होता है। साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। साइबर अपराधी किसी का भी डेटा चुरा सकते हैं। हेराफेरी के लिए वेब का उपयोग कर सकते हैं। साइबर फ्राड की आशंका होने पर स्थानीय पुलिस को तुरंत जानकरी देना चाहिए। साइबर अपराधी के झांसे की चर्चा करते हुए ने बताया कि साइबर अपराधियों ने तरह-तरह से ठगी की साजिश कर भयभीत कर देते है। लेकिन अपनी सूझबूझ से साइबर अपराधियों के मंसूबा पर पानी फेरा जा सकता है। उससे बचाव के लिए अपराधी द्वारा मांगी जाने वाली किसी भी तरह की जानकारी नहीं देना चाहिए।
गूगल पर बंद अकाउंट खोलने के नाम पर भी ठगी की कोशिश की जाती है। ठगी का भान होते ही अपराधी के चुंगल से निकलकर साइबर थाना को सूचना दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने पासवर्ड, पिन, पैटर्न या बायोमेट्रिक जानकारी कभी भी दूसरों को नहीं देना चाहिए। अनजान नंबरों की पहचान के लिए फोन में ट्रू-कॉलर डाउनलोड करना चाहिए। आवाज बदलकर पैसे की मांग करने वाले मामले में परिवार से पहले पुष्टि करना चाहिए। लालच देने वाले लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचना चाहिए।



