
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष: बाल गोपाल के सिर पर मयूर पंख का धार्मिक दिव्य रहस्य: पं. ऋषिनाथ झा
मधुबनी- 04 सितंबर। भगवान श्रीकृष्ण को मोर-मुकुटधारी भी कहा जाता है। त्रिलोकी के स्वामी के सिर पर मयूर पंख क्यों सजता है?पौराणिक कथा के अनुसार भगवान ने मोर के पंख को सिर पर धारण कर यह संदेश दिया कि जो काम, क्रोध, लोभ पर विजय पा लेता है, वही परमात्मा के शीश पर शोभा पाता है। मोर के पंख की महत्ता पर जानकारी देते हुए पं. ऋषिनाथ झा कहते है कि राधा रानी को मोर बहुत प्रिय था। राधा को प्रसन्न करने के लिए श्रीकृष्ण ने मयूर पंख धारण किया। मयूर पंख प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र में मयूर पंख को कालसर्प दोष निवारक माना गया है। घर में बाल गोपाल के साथ मयूर पंख रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। संतान सुख प्राप्त होता है। मोर अपना पंख बिना पीड़ा के त्याग देता है।भगवान ने यह सिखाया कि त्याग बिना दुख के होना चाहिए। पंख हल्का होता है। अहंकार रहित जीवन का प्रतीक। मयूर पंख में ऐसे सूक्ष्म कण होते हैं, जो वातावरण को शुद्ध रखते हैं। मंदिरों में इसे रखने की परंपरा है। बाल गोपाल को मयूर पंख अर्पित करने से संतान की रक्षा होती है।
भागवत पुराण के अनुसार जब श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते थे तो वृंदावन के मोर मंत्रमुग्ध होकर नाचते थे। नृत्य के बाद एक मोर ने अपना सुंदर पंख गिरा दिया और श्रीकृष्ण के चरणों में रख दिया।कृष्ण ने उसे प्रेम से उठाकर मुकुट पर धारण कर लिया। मयूर पंख में एक साथ 3 देवताओं का वास माना जाता है। पंख के अंत में चंद्रमा जैसा आकार (आंख) है, वह शनि देव, बीच का हिस्सा बृहस्पति और डंडी वाला हिस्सा राहु-केतु का प्रतीक है। इसे पहनने से ग्रह दोष शांत होते हैं। उन्होंने कहा कि मोर जाति ने श्रीकृष्ण से कहा था कि हम कलयुग में अपवित्र माने जाएंगे, हमें पवित्र करो। तब श्रीकृष्ण ने वचन दिया था कि मैं सदैव तुम्हारे पंख को सिर पर धारण करूंगा। जिस घर में बाल गोपाल के मुकुट में असली मयूर पंख लगा हो, वहां कभी सांप-बिच्छू नहीं आते और बच्चों को नजर नहीं लगती। भगवान ने गीता में कहा है कि ‘पत्रं पुष्पं फलं तोयं…- जो निस्वार्थ भाव से देता है, मैं वही स्वीकार करता हूं। मोर ने निस्वार्थ भाव से पंख दिया, इसलिए वह सबसे प्रिय हो गया।
मान्यता है कि असली मयूर पंख कभी अपवित्र स्थान पर नहीं गिरता। यह खुद-ब-खुद झड़ता है।पवित्र स्थान पर ही मिलता है।मधुबनी पेंटिंग में कृष्ण के मुकुट में मयूर पंख बनाना शुभ माना जाता है। इसे बनाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है।



